उत्तराखंड के 13 जिलों में विधानसभा सीटों का जिले-वार वितरण और मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व: विस्तृत जानकारी।
उत्तराखंड विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं, जो राज्य के 13 जिलों में इस प्रकार वितरित हैं (आधिकारिक चुनाव आयोग और विधानसभा रिकॉर्ड के अनुसार, 2022 चुनाव के बाद कोई बदलाव नहीं):
हरिद्वार: 11 सीटें (सबसे अधिक, मैदानी क्षेत्र)
देहरादून: 10 सीटें
टिहरी गढ़वाल: 6 सीटें
रुद्रप्रयाग: 2 सीटें
पौड़ी गढ़वाल: 6 सीटें
चमोली: 3 सीटें
उत्तरकाशी: 3 सीटें
पिथौरागढ़: 4 सीटें
बागेश्वर: 2 सीटें
अल्मोड़ा: 6 सीटें
चंपावत: 2 सीटें
नैनीताल: 6 सीटें
उधम सिंह नगर: 9 सीटें
(कुल योग: 70 सीटें। यह वितरण पहाड़ी-मैदानी और गढ़वाल-कुमाऊं संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है।)
जिले-वार मंत्री प्रतिनिधित्व (20 मार्च 2026 के कैबिनेट विस्तार के बाद)
नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार में मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार हुआ।
राजभवन में राज्यपाल गुरमीत सिंह की उपस्थिति में 5 नए मंत्रियों ने शपथ ली, जिससे मंत्रिमंडल की कुल संख्या 12 (मुख्यमंत्री सहित) हो गई है।
यह विस्तार क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण और 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया गया।
पहले हरिद्वार (11 सीटें) जैसे बड़े जिले में कोई मंत्री नहीं था, अब संतुलन बनाया गया।
वर्तमान जिले-वार स्थिति (नाम, विधानसभा क्षेत्र और जिला सहित):
चंपावत (2 सीटें): 1 (मुख्यमंत्री)
– पुष्कर सिंह धामी (चंपावत विधानसभा क्षेत्र)
पौड़ी गढ़वाल (6 सीटें): 2 मंत्री व विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी है।
– सतपाल महाराज (चौबट्टाखाल) – लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, लघु सिंचाई, धर्मस्व, संस्कृत जलागम प्रबंधन, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण।
– डॉ. धन सिंह रावत (श्रीनगर) – चिकित्सा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, सहकारिता, उच्च शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, विद्यालय शिक्षा।
देहरादून (10 सीटें): 2 मंत्री
– गणेश जोशी (मसूरी) – कृषि, उद्यान, सैनिक कल्याण, रेशम विकास, ग्राम विकास, उद्यान एवं कृषि प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी।
– खजान दास (राजपुर) – नये मंत्री (विस्तार में शामिल)विभाग मिले समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण और निर्वाचन।
हरिद्वार (11 सीटें): 2 मंत्री
– मदन कौशिक (हरिद्वार क्षेत्र) – नये मंत्री विभाग मिले वित्त, शहरी विकास, आवास, विधायी एवं संसदीय कार्य।
– प्रदीप बत्रा (रुड़की) – नये मंत्री विभाग मिलें पेयजल, जनगणना और पुनर्गठन विभाग।
रुद्रप्रयाग (2 सीटें): 1 मंत्री
– भरत चौधरी (रुद्रप्रयाग) – नये मंत्री विभाग परिवहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), खादी एवं ग्रामोद्योग।
टिहरी गढ़वाल (6 सीटें): 1 मंत्री
– सुबोध उनियाल (नरेंद्रनगर) विभाग प्रमुख रूप से वन तकनीकी शिक्षा, भाषा।
अल्मोड़ा (6 सीटें): 1 मंत्री
– रेखा आर्या (सोमेश्वर SC) – महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, खाद्य, खेल, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले एवं युवा कल्याण।
नैनीताल (6 सीटें): 1 मंत्री
– राम सिंह कैड़ा (भीमताल) – नये मंत्री विभाग आयुष एवं आयुष शिक्षा, ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा,
उधम सिंह नगर (9 सीटें): 1 मंत्री
– सौरभ बहुगुणा (सीतारगंज) वर्तमान में पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, प्रोटोकॉल, और कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग संभाल रहे हैं।
अन्य जिलों में मंत्री:
चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर – 0 मंत्री (ये जिले कम सीटों वाले हैं, लेकिन विकास की मांग अक्सर उठती रही है)।
“पौड़ी से 2 मंत्री व “विधानसभा अध्यक्ष” कुल 12 सदस्यों वाला मंत्रिमंडल संवैधानिक सीमा (70 MLA का 15%) के अंदर है।
विस्तार का संक्षिप्त इतिहास और महत्व
2022 में धामी सरकार बनी तो शुरू में मुख्यमंत्री सहित 9 मंत्री थे।
2023 में चंदन रामदास के निधन और 2025 में प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे से पद खाली हुए।
आज के विस्तार से हरिद्वार, देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल को नया प्रतिनिधित्व मिला, जिससे गढ़वाल-कुमाऊं और मैदानी क्षेत्रों में संतुलन बढ़ा।
पोर्टफोलियो अभी आधिकारिक रूप से बंटवारे के बाद घोषित होंगे, लेकिन यह कदम 2027 चुनाव से पहले भाजपा की रणनीति माना जा रहा है।