Massacre :- अंकिता भंडारी हत्याकांड पर मंत्री सुबोध उनियाल ने सरकार का पक्ष रखा

देहरादून 2 जनवरी 2026।

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर सियासत गरमा गई है।

विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से सरकार पर VIP को बचाने और जांच को प्रभावित करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

इस बीच, भाजपा ने मामले पर सफाई दी है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का पक्ष रखा।

उनियाल ने कहा कि मामले के सामने आते ही सरकार ने त्वरित कार्रवाई की थी।

एसआईटी जांच के बाद तीनों दोषियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।

न्यायालय ने एसआईटी की जांच को सही ठहराया है। मंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ठोस सबूतों के साथ सामने आता है,

तो सरकार हर तरह की जांच के लिए तैयार है और साक्ष्य देने वालों को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

“मामले के सामने आते ही सरकार ने त्वरित कार्रवाई की थी। जांच के बाद दोषियों को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा दी जा चुकी है।

न्यायालय ने एसआईटी जांच को सही ठहराया है। यदि कोई भी व्यक्ति प्रमाण के साथ सामने आता है, तो सरकार हर तरह की जांच के लिए तैयार है।

साक्ष्य देने वालों को सरकार की ओर से पूरी सुरक्षा दी जाएगी।”

आपको बता दें कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है।

हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो और ऑडियो क्लिप्स के बाद कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

कांग्रेस का दावा है कि जांच में प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की गई और मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।

वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश करार देते हुए खारिज किया है।

पार्टी का कहना है कि कोर्ट ने पहले ही एसआईटी जांच को वैध ठहराया है और पुरानी याचिकाओं में सीबीआई जांच की मांग को हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुके हैं।

मामले में अब तक तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा हो चुकी है।

यह मामला 2022 का है, जब ऋषिकेश के एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी।

कोर्ट ने मई 2025 में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य सहित तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

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