कांग्रेस प्रवक्ता डॉ0 प्रतिमा सिंह ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा विधायक की पत्नी द्वारा हत्याकांड में शामिल वीआईपी का नाम उजागर करने,
और भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड द्वारा यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट के इशारे पर बुलडोजर की कार्रवाई किये जाने के खुलासे पर बयान जारी करते हुए।
कहा कि भारतीय जनता पार्टी को दुष्यंत गौतम और विधायक रेणु बिष्ट पर तुरन्त कार्रवाई कर उनके खिलाफ हत्या में शामिल होने का मुकदमा दर्ज कराना चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता डॉ0 प्रतिमा सिंह ने कहा कि विधायक की पत्नी द्वारा अपने बयान में स्पष्ट कहा गया है,
कि हत्याकांड में शामिल वीआईपी और कोई नहीं बल्कि भाजपा महामंत्री एवं राज्य प्रभारी दुष्यंत गौतम उर्फ गट्टू है।
तथा भाजपा की ही पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ द्वारा रिसार्ट पर स्थानीय विधायक रेणु बिष्ट के इशारे पर बुल्डोजर की कार्रवाई किये जाने का खुलासा किया है।
अब भाजपा नेतृत्व को तय करना चाहिए कि वह न्याय के साथ खडी है या हत्यारों और बलात्कारियों के साथ।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के राज्य अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट कांग्रेस को रावण का वंशज तथा कौरवों की सेना और भाजपा को राम का वंशज बताने की अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।
परन्तु उनके नेताओं की करनी तो रावण के वंशज से भी आगे है जो न केवल महिलाओं पर अत्याचार करती है।
बल्कि बलात्कारियों और हत्यारों को संरक्षण भी देती है। भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचन्द्र जी ने अपने वंशजों को महिलाओं का अपमान एवं अमर्यादा की सीख दी थी?
कांग्रेस प्रवक्ता डॉ0 प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि देवभूमि में सबसे जघन्य हत्याकांड भाजपा सरकार और पुलिस के संरक्षण में भाजपा नेता के रिसोर्ट में हुआ।
और इस हत्याकांड में भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व, राज्य नेतृत्व एवं स्थानीय विधायक शामिल थे यह देवभूमि के लिए सबसे कलंकित करने वाली बात है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन पर भी आरोप लगाते हुए कहा पुलिस प्रशासन द्वारा बजाय पीडिता के परिवार को न्याय दिलाने के उल्टे उन्हें धमकाया गया।
अब भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम वीआईपी के रूप में सामने आ चुका है।
ऐसी स्थिति में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व को अगर जरा सी भी शर्म बाकी हो तो उन्हें तत्काल पद से हटाते हुए।
उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए साथ ही विधायक रेणु बिष्ट की सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।