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Search :- आईं आई टी कानपुर की जादुई इंसुलेशन शीट: तापमान 8-10 डिग्री कम रहने का दावा 

कानपुर 22 अगस्त 2025।

गर्मी की तपिश से परेशान लोगों के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर ने एक क्रांतिकारी खोज की है।

संस्थान के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खास इंसुलेशन शीट विकसित की है, जो घरों और इमारतों के तापमान को 8-10 डिग्री सेल्सियस तक कम कर सकती है।

यह शीट न केवल गर्मी से राहत दिलाएगी, बल्कि बिजली बिल में भी भारी बचत कराएगी।

आई आई टी कानपुर द्वारा विकसित यह शीट कपड़े और विशेष इंसुलेशन सामग्री से बनी है।

इसे छत या दीवारों पर आसानी से लगाया जा सकता है। यह शीट बारिश में खराब नहीं होती और इसे साफ करना भी बेहद आसान है।

इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे लगाने के लिए किसी लोहे या लकड़ी के ढांचे की जरूरत नहीं पड़ती,

जिससे इसकी लागत काफी कम हो जाती है। बाजार में उपलब्ध अन्य शीटों की तुलना में यह शीट प्रति वर्ग फीट केवल 50-60 रुपये की लागत में उपलब्ध है।

यह इंसुलेशन शीट गर्मी को अवशोषित करने के बजाय उसे बाहर की ओर परावर्तित करती है,

जिससे कमरे का तापमान बाहर की तुलना में 8-12 डिग्री तक कम हो जाता है। इससे एयर कंडीशनर और कूलर की जरूरत कम हो जाती है,

जिससे बिजली की खपत में कमी आती है। कुछ खबरों के अनुसार, यह शीट बिजली बिल को काफी हद तक कम करने में मददगार साबित हो रही है।

यह तकनीक न केवल किफायती है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है।

कम बिजली खपत से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इस शीट को एक साल पहले ही पेटेंट कराया जा चुका है और इसका कुछ इमारतों में सफलतापूर्वक परीक्षण भी किया गया है।

आई आई टी कानपुर की इस इंसुलेशन शीट की कीमत अन्य उपलब्ध विकल्पों की तुलना में काफी कम है।

इसकी लागत और आसान स्थापना इसे आम लोगों के लिए सुलभ बनाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक गर्मी से जूझ रहे शहरों और ग्रामीण इलाकों में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

आई आई टी कानपुर का यह नवाचार सतत ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संस्थान का सस्टेनेबल एनर्जी इंजीनियरिंग विभाग (SEE) ऐसी कई तकनीकों पर काम कर रहा है,

जो ऊर्जा दक्षता को बढ़ाने और पर्यावरण को बचाने में मददगार हैं।

यह इंसुलेशन शीट न केवल घरों को ठंडा रखने में मदद करेगी, बल्कि बिजली बिल में कमी लाकर आम लोगों की जेब पर भी कम बोझ डालेगी।

यह तकनीक जल्द ही बाजार में उपलब्ध होने की उम्मीद है, जिससे लाखों लोग गर्मी से राहत पा सकेंगे।

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