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Custody:- प्रश्न पत्र आउट करने वाले अभियुक्त खालिद को पुलिस ने पकड़ा

 देहरादून 25 सितम्बर 2025।

 यूकेएसएसएससी द्वारा आयोजित कराई जा रही स्नातक स्तरीय पदों के लिये लिखित प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्रों के फोटो को अज्ञात व्यक्ति द्वारा आउट करने,

तथा उनके स्क्रीनशॉट को कुछ सोशल मीडिया एकाउंट्स पर प्रसारित करने के सम्बन्ध मे यूकेएसएसएससी द्वारा दिये गए शिकायती पत्र की एसआईटी द्वारा जांच के उपरान्त,

एसआइटी रिपोर्ट के आधार पर थाना रायपुर पर मु०अ०सँ०: 301/25 धारा 11(1),11(2),12(2) उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा ,

(भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं रोकथाम के उपाय) अध्यादेश 2023 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था, जिसकी विवेचना पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश द्वारा की जा रही है।

विवेचना के दौरान प्रकाश में आये तथ्यों व प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर  23 सितम्बर को मुख्य अभियुक्त खालिद मलिक की बहन साबिया को पुलिस द्वारा बाद विस्तृत पूछताछ कर गिरफ्तार किया गया,

जिससे पूछताछ में उसके द्वारा अपने भाई खालिद मलिक के कहने पर उन प्रश्नों की फोटो को खालिद के मोबाइल से सुमन को भेजे जाने,

तथा सुमन से उन प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर वापस खालिद को भेजे जाने की बात बतायी गई।

प्रकरण में फरार अभियुक्त खालिद की तलाश में देहरादून व हरिद्वार तथा एसटीएफ की संयुक्त टीमों ने लगातार उसके सम्भावित ठिकानों पर दबिशें दी जा रही थी,

 23 सितम्बर को संयुक्त टीमों ने अभियुक्त खालिद को हिरासत में लिया गया। पुलिस द्वारा अभियुक्त खालिद को थाना रायपुर पर लाकर उससे घंटो विस्तृत पूछताछ करने के उपरान्त उसे गिरफ्तार किया गया।

अभियुक्त के कब्जे से पुलिस को प्रश्न पत्रों के फोटो आगे भेजने के लिए साबिया द्वारा इस्तेमाल किया गया।

अभियुक्त का मोबाइल फोन बरामद हुआ जिसकी फांरेन्सिक जांच एफएसएल भेजा जा रहा है।

पूछताछ में अभियुक्त खालिद ने बताया गया कि उसने वर्ष 2013 में प्राइवेट सनराइज यूनिवर्सिटी राजस्थान से सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा लिया गया था।

तथा वर्ष 2013 से 2015 तक हापुड, उत्तरप्रदेश से स्नातक की डिग्री ली थी।

अभियुक्त द्वारा पूर्व में दी गई प्रतियोगी परीक्षाओं में वह कुछ नम्बरों से चयनित होने से चूक गया था,

जिस पर अभियुक्त ने स्नातक स्तरीय परीक्षा से पहले किसी तरह मोबाइल को परीक्षा केन्द्र के अन्दर छिपाकर उसके माध्यम से किसी बाहरी व्यक्ति से सम्पर्क कर प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर नकल करने की योजना बनाई।

अभियुक्त की योजना थी कि वह अलग-अलग जनपदों से परीक्षा को आवेदन करेगा तथा जिस किसी परीक्षा केन्द्र में उसे मोबाइल ले जाने अथवा पूर्व से ही छिपा कर रखने का मौका मिलेगा,

तो वह उसी परीक्षा केन्द्र से परीक्षा में सम्मिलित होगा।योजना के मुताबिक अभियुक्त को एक ऐसे व्यक्ति की तलाश थी,

जो उसे प्रश्नों के उत्तर बता सके, जिसके लिये उसने टिहरी में असिसटेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त सुमन से सम्पर्क किया,

जिससे उसकी मुलाकात वर्ष 2018 से 2021 तक पीडब्लूडी में संविदा पर कनिष्ठ अभियंता के पद पर नियुक्त रहने के दौरान हुई थी,

उस समय सुमन नगर निगम ऋषिकेश में टैक्स इन्सपेक्टर के पद पर नियुक्त थी तथा उनके पति पीडब्लूडी में ही ठेकेदारी का कार्य करते थे।

अभियुक्त को जानकारी थी कि सुमन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती रहती थी तथा उसे प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नों की अच्छी जानकारी थी।

अभियुक्त ने परीक्षा से कुछ दिन पूर्व सुमन से फोन पर वार्ता कर अपनी बहन के एग्जाम की तैयारी के लिये सहयोग करने,

तथा उसकी बहन द्वारा अपनी शंकाओं के सम्बंध में उनसे सम्पर्क करने पर उसकी सहायता का अनुरोध किया गया था, जिसकी पुष्टि साक्ष्यों में भी हुई है।

पूर्व नियोजित योजना के अनुसार अभियुक्त द्वारा स्नातक स्तरीय परीक्षा के लिये 04 आवेदन, जिसमें 02 आवेदन जनपद टिहरी तथा 02 आवेदन जनपद हरिद्वार से किये गये थे।

जिनमें अभियुक्त को 02 परीक्षा केन्द्र जनपद टिहरी तथा 02 परीक्षा केन्द्र जनपद हरिद्वार में आदर्श बाल सदन इण्टर कॉलेज बहादुरपुर जट हरिद्वार,

तथा धनपुरा हरिद्वार में मिले, जिसमें से आदर्श बाल सदन इण्टर कॉलेज बहादुरपुर जट अभियुक्त के घर के पास में ही था।

वहीं 17 मई को अभियुक्त बहादुरपुर जट स्थित आदर्श बाल सदन इण्टर कॉलेज में परीक्षा केन्द्र देखने के बहाने रैकी करने गया परन्तु उस दिन अवकाश होने तथा गेट बंद होने के कारण वह अन्दर नही जा पाया।

परीक्षा से एक दिन पूर्व 20 सितम्बर को अभियुक्त दोपहर के समय उस परीक्षा केन्द्र में गया तथा परीक्षा के सम्बंध में आवश्यक जानकारी लेकर वापस आ गया,

इस दौरान अभियुक्त को परीक्षा केन्द्र के अन्दर नयी बिल्डिंग का निमार्ण कार्य चलने की जानकारी हुई,

जिस पर शाम के समय अभियुक्त ने परीक्षा केन्द्र के पीछे खेत की बाउड्रीं से परीक्षा केन्द्र में प्रवेश कर अपने साथ लाये I-Phone 12 Mini को स्विच आफ कर स्कूल की नयी बिल्डिंग के निमार्णाधीन हिस्से में ईटों व घास के बीच छिपाकर रख दिया,

जो परीक्षा कक्ष से बहुत दूर नहीं था, तथा वापस अपने घर आ गया। अपनी योजना के मुताबिक अभियुक्त ने 21 सितम्बर की सुबह सुमन से व्हाटसएप मैसेज के माध्यम से सम्पर्क किया।

तथा अपनी बहन के एग्जाम की तैयारी के लिये उसकी बहन द्वारा सुमन से सम्पर्क कर उसे व्हाटसएप पर कुछ प्रश्न की फोटो भेजने तथा उनके उत्तर उसकी बहन को वापस भेजने का अनुरोध किया।

परीक्षा से पूर्व अभियुक्त खालिद अपने मोबाइल को अपनी बहन साबिया को देकर परीक्षा देने चला गया,

जिसे पहले से ही उसके द्वारा प्रश्नों के फोटो भेजने पर उन फोटो को सुमन को फारवर्ड कर उससे उनके उत्तर प्राप्त करने तथा उन्हें वापस उसी नम्बर पर भेजने के लिये बताया गया था।

 परीक्षा केन्द्र में पहुंचने पर चैकिंग/फ्रिकसिंग के उपरान्त अभियुक्त खालिद द्वारा निमार्णाधीन बिल्डिंग में जाकर पहले से छुपाये गये मोबाइल को निकालकर अपनी जैकेट (विंडचिटर) की जेब में डाल दिया।

तथा अपने कमरे की सीट पर जाकर बैठ गया, चूंकि अभियुक्त द्वारा पूर्व में भी प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिभाग किया गया था।

तो उसे जानकारी थी कि परीक्षा शुरू होते ही सभी अभ्यर्थी प्रश्नपत्र को पढने में तथा सभी इनविजीलेटर छात्रों के ओएमआर शीट चैक करने में व्यस्त हो जाते है,

जिस पर अभियुक्त द्वारा परीक्षा शुरू होते ही मौका देखकर प्रश्न पत्र के 03 पन्नों की फोटो खींच लिये परन्तु इनविजीलेटर व अन्य अभ्यर्थियों द्वारा देखे जाने के डर से घबराहट में वह प्रश्न पत्र के और पेजों की फोटो नही खींच पाया।

इसके उपरान्त अभियुक्त ने कक्ष नियत्रंक से बाथरूम जाने की अनुमति लेकर बाथरूम से उन फोटो को साबिया को भेज दिये,

जिसके द्वारा उक्त फोटो को सुमन को भेजते हुए उसके उत्तर प्राप्त कर वापस अभियुक्त खालिद को भेजे गये,

परन्तु कक्ष में मोबाइल को बाहर निकालने का मौका न मिलने तथा इनविजीलेटर द्वारा दोबारा अभियुक्त को बाथरूम जाने की अनुमति न देने के कारण,

वह मोबाइल से उन प्रश्नों के उत्तर देखकर ओएमआर शीट में नही भर पाया तथा ओएमआर शीट में अपने मन से उन प्रश्नों के उत्तर भरकर बाहर आ गया।

अभियुक्त द्वारा प्रश्नों के उत्तर न देखे जाने के सम्बंध में बतायी गई बातों की पुष्टि के लिये पुलिस ने यूकेएसएसएससी से पत्राचार किया जा रहा है, जिससे बयानों की पुष्टि हो सके।

 परीक्षा के उपरान्त घर वापस आने के कुछ समय बाद अभियुक्त को सोशल मीडिया पर उन प्रश्नों के फोटो के स्क्रीनशॉट आउट होने की जानकारी मिली,

जो उसके द्वारा परीक्षा केन्द्र से खींचकर भेजे गये थे, जिस पर अभियुक्त अपनी बहन साबिया को उसका दिया गया मोबाइल व परीक्षा के दौरान इस्तेमाल किये गये मोबाइल को लेकर घर से फरार हो गया,

तथा बस से सीधे दिल्ली पहुँचा इस दौरान अभियुक्त ने दोनो फोनों में इस्तेमाल किये गये सिमों को तोडकर फेंक दिया तथा दोनों फोनों को रिसेट कर दिया।

अभियुक्त दिल्ली से अवध आसाम ट्रेन के माध्यम से लखनऊ के लिये रवाना हुआ तथा घटना में इस्तेमाल किये गये आईफोन को ट्रेन के कोच के डस्टबिन में फेंककर दून एक्सप्रेस से वापस हरिद्वार पहुंचा,

अभियुक्त हरिद्वार से छिपते हुए देहरादून में आत्मसमर्पण करने को प्रयासरत था। लेकिन संयुक्त टीमों ने उसे आत्म समर्पण से पहले ही हिरासत में लिया।

अब तक की विवेचना में उक्त प्रकरण में किसी संगठित गिरोह के शामिल होने तथा प्रश्नपत्र के अन्यत्र कहीं और आउट होने के सम्बन्ध में अभी वर्तमान तक कोई साक्ष्य प्राप्त नहीं हुए हैं।

साथ ही अभियुक्त द्वारा प्राप्त किये गये प्रश्नों के उत्तरों को भी उसके द्वारा ओएमआर शीट में न भर पाना प्रकाश में आया है,

फिर भी विवेचना में अन्य साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की जा रही है। यदि उक्त परीक्षा के सम्बंध में किसी व्यक्ति को कोई साक्ष्य दिये जाने हो,

तो वह विवेचक के समक्ष प्रस्तुत होकर साक्ष्य दे सकते है। विवेचना में जो भी अन्य साक्ष्य प्राप्त होंगे उनको भी संज्ञान में लेकर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।

मो0 खालिद पुत्र मो0 शहजाद, निवासी सुल्तानपुर, आदमपुर, थाना कोतवाली लक्सर, जनपद हरिद्वार, उम्र- 35 वर्ष।

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