दिल्ली में बिजली समस्याओं से परेशान जनता को राहत दिलाने के लिए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बिजली के खाम्बों में चढ़कर बिजली के कनेक्शन काट दिए थे।
ठीक उसी तर्ज पर उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के झबरेड़ा विधानसभा से कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाति ने भी जिले अघोषित बिजली कटौती व जनता की समस्या पर केजरीवाल स्टाइल से सरकारी आवासों की बिजली काट दी ।
आवासों की बिजली काटें जाने के मामले में विद्युत विभाग ने विधायक के खिलाफ थाने में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग कर दी है।
इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
मामला उस वक्त तूल पकड़ गया जब सुबह अघोषित बिजली कटौती से नाराज़ विधायक वीरेंद्र जाति अपने समर्थकों के साथ सीधे बिजली विभाग के अधिकारियों के सरकारी आवासों पर पहुंच गए।
आरोप है कि बिना किसी अनुमति और सुरक्षा इंतजाम के खंभों पर चढ़कर बिजली आपूर्ति काट दी गई, जिससे कई अधिकारियों के आवास अंधेरे में डूब गए।
घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग हरकत में आया।
अधीक्षण अभियंता कार्यालय में अफसरों की बैठक हुई, जहां इस कदम को गैरकानूनी और जानलेवा लापरवाही बताया गया।
इसके बाद उपखंड अधिकारी द्वारा सिविल लाइंस कोतवाली पहुंचकर लिखित शिकायत दी गई।
तहरीर में कहा गया है कि विभागीय अधिकारियों के सरकारी आवासों की बिजली लाइन बिना शटडाउन के काटी गई, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहा।
बिजली विभाग का कहना है कि यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि सरकारी कामकाज में सीधा हस्तक्षेप भी है।
फिलहाल पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है और आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।