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Suspended :- आरोपी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाय – गणेश गोदियाल

देहरादून 16 जनवरी 2026।

जनपद उधमसिंहनगर के काशीपुर क्षेत्र के पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह की मौत के मामले में आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल एवं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय से जुलूस निकालते हुए।

पुलिस मुख्यालय का घेराव कर किसान की मौत की सीबीआई जांच कराये जाने की मांग की ।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सैकडों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय एकत्र हुए।

जहां से उन्होंने पुलिस मुख्यालय की ओर कूच किया तथा पुलिस मुख्यालय का घेराव करते हुए।

किसान आत्महत्या मामले की जांच सीबीआई से कराये जाने को लेकर पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन दिया।

कांग्रेस पार्टी ने अपने ज्ञापन में कहा है कि 10 जनवरी 2026 को जनपद उधमसिंहनगर के काशीपुर क्षेत्र में ग्राम पैगा निवासी सुखवंत सिंह नामक किसान ने पुलिस प्रताड़ना के चलते आत्महत्या किए जाने की अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना सामने आई है।

यह घटना न केवल अत्यंत गंभीर है, बल्कि क्षेत्र की आम जनता व किसानों में भय, असुरक्षा, असंतोष एवं आक्रोश का वातावरण भी उत्पन्न कर रही है।

किसान की आत्महत्या के पीछे के कारण इंसानियत को झकझोर देने वाले हैं।

मृतक किसान के परिजनों एवं स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त किसान द्वारा पुलिस को दी गई,

तहरीर के खिलाफ धोखाधड़ी करने वाले भू-माफियाओं को पुलिस द्वारा संरक्षण दिया जा रहा था तथा तहरीर देने वाले किसान को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।

इसी प्रकार राज्य पुलिस पर खनन माफियाओं को भी लगातार संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगते आ रहे है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य में विगत लम्बे समय से कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है तथा काशीपुर में किसान की आत्महत्या का मामला इसका जीता जागता उदाहरण है।

यह न केवल एक किसान की आत्महत्या का मामला है, अपितु राज्य सरकार और राज्य पुलिस प्रशासन के माथे पर कलंक है।

पुलिस प्रशासन की प्रताड़ना और सत्ता के अहंकार के आगे एक किसान आत्महत्या करने को मजबूर हुआ तथा इस घटना से एक पूरा परिवार उजड़ गया।

इस प्रकार के कृत्यों में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता जनता को सोचने के लिए मजबूर करती है कि पुलिस कर्मी अपने परिवार के सुखचैन के लिए किसी के जीवन को खरीद रहे हैं।

तो यह राज्यवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। किसान द्वारा की गई धोखाधडी की शिकायत पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की बजाय उल्टे आरोपियों से पैसे लेकर,

शिकायतकर्ता किसान को ही प्रताडित करना और धमकाना शुरू किया जिसके लिए उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा।

किसान इस देश का अन्नदाता है और काशीपुर के पैगा ग्रामवासी किसान की आत्महत्या का मामला अत्यधिक संवेदनशील है।

यदि इस मामले की गहन जांच नहीं होती, तो इससे आम जनता का कानून-व्यवस्था एवं प्रशासन पर विश्वास कमजोर होता है।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि मृतक किसान द्वारा मृत्यु पूर्व घोषणा में जनपद उधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का नाम स्पष्ट रूप से इस आशय से लिया गया है,

कि इनकी भूमिका भू-माफियाओं के समर्थन में थी, जिस कारण मृतक ने अपनी जान दी।

यह भी सोचनीय विषय है कि पुलिस विभाग द्वारा अभी तक उक्त आरोपी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पद से नहीं हटाया गया है।

तथा जिस वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पर किसान को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगा है,

उसी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर पुलिस के दायित्वों की इतिश्री कर ली गई है।

इससे हमें आशंका है कि उत्तराखंड पुलिस इस गंभीर मामले में संवेदनशीलता, निष्पक्षता एवं तत्परता से कार्रवाई करेगी तथा पीड़ित किसान को न्याय मिलेगा।

कार्यक्रम के उपरान्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल जिसमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य,

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक तिलकराज बेहड़, आदेश चौहान, ममता राकेश, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी,

रवि बहादुर, विरेन्द्र जाति, जिला पंचायत अध्यक्ष सुखसविन्दर कौर, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, हीरा सिंह बिष्ट,

पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा, राजीव महर्षि, महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, राजेन्द्र शाह, गोदावरी थापली ने पुलिस महानिदेशक को तीन मांगों से सम्बन्धित ज्ञापन प्रेषित किया।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पुलिस महानिदेशक से मांग करते हुए कहा किः-

1. जनपद उधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाय।

2. किसान आत्महत्या मामले के सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाय।

3. आत्महत्या मामले की जांच सीबीआई से कराई जाय।

कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत,

विधायक तिलकराज बेहड़, आदेश चौहान, ममता राकेश, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी, रवि बहादुर, विरेन्द्र जाति,

प्रेमानन्द महाजन, अनुपम शर्मा, नवीन जोशी, महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, किसान कांग्रेस अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह लाडी,

पूर्व सैनिक अध्यक्ष कर्नल रामरतन नेगी, अनुसूचित जाति अध्यक्ष मदन लाल, विरेन्द्र रावत, प्रभुलाल बहुगुणा,

राजपाल खरोला, विरेन्द्र पोखरियाल, सुरेन्द्र रांगड, अभिनव थापर, अमरजीत सिंह, शिवानी थपलियाल मिश्रा,

नरेशानन्द नौटियाल, रॉबिन त्यागी, महेन्द्र सिंह नेगी, मानवेन्द्र सिह, टीकाराम पाण्डेय, पूरन सिंह रावत, टीटू त्यागी, सुमेन्द्र बोरा,

अश्विनी बहुगुणा, अमेन्द्र बिष्ट, यशपाल चौहान, ओमप्रकाश सती, शीशपाल बिष्ट, संदीप चमोली, कामेश्वर राणा, प्रदीप जोशी,

संजय शर्मा, जगदीश धीमान, नीनू सहगल, प्रशांत खंडूरी, सावित्री थापा, ऐतात खान, ललित भद्री, उर्मिला थपा, प्रणीता बडोनी, सागर मनवाल,

मोहन काला, विजयपाल रावत, देवेन्द्र सिंह, आशा मनोरमा शर्मा, पुष्पा पंवार, निधि नेगी, सुन्दर लाल मुयाल, अनिल नेगी, सुलेमान अली,

राजकुमार जायसवाल, अनुराधा तिवाडी, विरेन्द्र पंवार, गुल मोहम्मद, रघुवीर बिष्ट, विनीत प्रसाद भट्ट, बलवीर पंवार, सूरज क्षेत्री, महेश जोशी,

नितिन बिष्ट, हुकम सिंह कठैत, स्वाति नेगी, आशीष सैनी, मदन कोली,

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