वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ नवनीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 85 वर्ष के वरिष्ठ नागरिक को अज्ञात साइबर ठगों,
(कथित पुलिस ऑफिसर इंचार्ज संदीप राव एवं इनवेस्टीगेशन ऑफिसर के0 शिवा सुब्रमानी) द्वारा शिकायतकर्ता से WhatsApp कॉल के माध्यम से,
सम्पर्क कर स्वयं को सीबीआई ऑफिसर बताकर शिकायतकर्ता के आधार कार्ड का दुरुपयोग मनी लॉउण्ड्रींग के केस में होना बताकर,
शिकायतकर्ता को DIGITAL ARREST कर करीब 68 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी करने विषयक तहरीर पर साइबर पुलिस स्टेशन,
देहरादून में मुकदमा अपराध संख्या 66/2025 धारा 318(4), 61(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं धारा 66(D) IT ACT बनाम अज्ञात में अभियोग पंजीकृत किया गया ।
प्रकरण की गंम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखण्ड के दिशा निर्देशन,
तथा सहायक पुलिस अधीक्षक कुश मिश्रा के निकट पर्यवेक्षण में अभियोग की विवेचना निरीक्षक / विवेचक अनिल कुमार,
साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, गढ़वाल परिक्षेत्र, देहरादून के सुपुर्द कर अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये ।
दौराने विवेचना शिकायतकर्ता से धोखाधड़ी से ट्रांसफर करायी गयी धनराशि के लाभार्थी खाता धारकों की तकनीकी विश्लेषण में,
खाता सं0 2401711161389482 AU Small Finance Bank खाता धारक भभूताराम पुत्र किशनाराम निवासी चौहटन आगोर पुलिस थाना चौहटन जिला बाड़मेर राजस्थान प्रकाश में आया,
उक्त की तलाश हेतु निरीक्षक मय पुलिस टीम के चौहटन बाड़मेर राजस्थान पहुँचे, जहां स्थानीय पुलिस एवं मुखबिर के सहयोग से लाभार्थी खाताधारक उपरोक्त को गिरफ्तार किया गया ।
गिरफ्तार अभियुक्त भभूताराम पुत्र किशनाराम निवासी चौहटन आगोर पुलिस थाना चौहटन जिला बाड़मेर राजस्थान उम्र 32 वर्ष।
बरामदगी मोबाइल फोन मय सिम कार्ड,
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह ने जनता से अपील की है कि,
अनजान नम्बरों से आने वाली वीडियो कॉल से बात न करें, न ही कोई सूचना / दस्तावेज दें ।
यदि कोई आपको पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट करने को डराये धमकाये तो घबरायें नहीं,
कोई भी एजेन्सी ऑनलाईन गिरफ्तार नहीं करती है । किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों / फर्जी साईट / धनराशि दोगुना करने के प्रलोभनों में न आयें ।
साथ ही फर्जी निवेश ऑफर जैसे YouTube like सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें ।
गूगल से कोई भी कस्टमर केयर नम्बर को सर्च न करें । तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया है।
स्कैमर्स वेबसाइट्स और नकली रिव्यू प्रोग्राम्स के माध्यम से लोगों को पहले छोटे-छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं।
तथा फिर धीरे-धीरे उन्हें भारी रकम निवेश करने पर मजबूर कर देते हैं।
कम समय में अधिक लाभ के चक्कर में इन्वेस्ट ना करें व शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें ।
वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर या cybecrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।