उत्तराखंड के कोटद्वार में अग्निशमन विभाग के लीडिंग फायरमैन रणधीर सिंह को उत्तराखंड सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
यह गिरफ्तारी सोमवार (9 फरवरी 2026) को फायर स्टेशन कोटद्वार के समीप की गई, जहां आरोपी शिकायतकर्ता से अवैध रकम ले रहा था।
मामले की पूरी जानकारी इस प्रकार है:
आरोपी लीडिंग फायरमैन रणधीर सिंह (जो अपर उप निरीक्षक के पद पर तैनात था) फायर स्टेशन कोटद्वार में पदस्थ था।
शिकायतकर्ता मालिनी वैली कॉलेज ऑफ एजूकेशन, कोटद्वार से जुड़ा था, जिसकी बिल्डिंग की फायर एनओसी (No Objection Certificate) का नवीनीकरण (रिनुअल) कराने के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही थी।
विजिलेंस को शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया गया। आरोपी ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि बिना रिश्वत दिए एनओसी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
निर्धारित राशि 20,000 रुपये के बदले आरोपी ने रिश्वत स्वीकार की और फायर स्टेशन के पास ही उसे रंगे हाथ पकड़ा गया।
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तराखंड विजिलेंस की सख्ती को दर्शाती है, खासकर सरकारी विभागों में जहां आम जनता को अपनी वैध जरूरतों के लिए रिश्वत देनी पड़ती है।
कई मीडिया रिपोर्ट्स में इस घटना को प्रमुखता से कवर किया गया है, और यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है।
अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और जांच जारी है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर सख्त सजा का प्रावधान है।
भ्रष्टाचार मुक्त समाज की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि आपके पास भी कोई ऐसी शिकायत है, तो विजिलेंस विभाग से संपर्क करें।