अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) एवं सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने राम मंदिर और बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामलों को गंभीर बताते हुए,
इनकी जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में कराए जाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इन मामलों का संबंध करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से है, इसलिए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है।
देहरादून स्थित राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि,
उत्तराखंड कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पूरी तरह जुट चुकी है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी का गठन अंतिम चरण में है और इसकी घोषणा एक-दो दिनों के भीतर कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार के प्रति जनता में निराशा और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
उनके अनुसार प्रदेश में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है, लेकिन सरकार के पास रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस योजना या विजन नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है।
वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है।
उन्होंने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी युवाओं और छात्रों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठा रहे हैं।
इसी क्रम में राहुल गांधी 17 जुलाई को देहरादून पहुंचकर छात्रों और युवाओं के साथ संवाद करेंगे,
जिसमें शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।
पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा ने भी भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है और जनता हर मोर्चे पर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
कुमारी शैलजा ने कहा कि भाजपा भगवान राम के नाम पर राजनीति करती है,
लेकिन अयोध्या के राम मंदिर और बदरीनाथ धाम जैसे पवित्र धार्मिक स्थलों में चढ़ावे से जुड़े मामलों ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के विश्वास और धार्मिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाती रहेगी।
पार्टी का मानना है कि धार्मिक स्थलों की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।
पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा, प्रीतम सिंह,
डॉ. हरक सिंह रावत, भुवन कापड़ी, राजीव महर्षि, अभिनव थापर, डॉ. प्रतिमा सिंह, अमरजीत सिंह,
लालचंद शर्मा सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
राजनीतिक दृष्टि से इस पत्रकार वार्ता को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
कांग्रेस ने एक ओर संगठन को मजबूत करने की बात कही, वहीं बेरोजगारी,
धार्मिक स्थलों की पारदर्शिता और सरकार की कार्यप्रणाली जैसे मुद्दों को चुनावी विमर्श के केंद्र में लाने के संकेत भी दिए।