मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में प्रख्यात साहित्यकार एवं भारत-जर्मनी के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के क्षेत्र में सक्रिय डॉ. योजना साह जैन ने शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान डॉ. जैन ने अपनी तीन महत्वपूर्ण साहित्यिक कृतियां—कहानी संग्रह ‘इमली का चटकारा’, उपन्यास ‘बनारस मीट्स बर्लिन’ तथा कविता संग्रह ‘कागज पे फुदकती गिलहरियां’ मुख्यमंत्री को भेंट कीं।
भेंट के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. योजना साह जैन को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साहित्य समाज,
संस्कृति और मानवीय मूल्यों को सशक्त अभिव्यक्ति देने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल विचारों का आदान-प्रदान नहीं करता,
बल्कि समाज को दिशा देने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री ने भारत और जर्मनी के बीच सांस्कृतिक एवं बौद्धिक संवाद को आगे बढ़ाने में डॉ. योजना साह जैन के योगदान की सराहना की।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी साहित्यिक रचनाएं भारतीय संस्कृति, लोकजीवन, परंपराओं और मानवीय संवेदनाओं को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
साथ ही ये कृतियां भारत और जर्मनी के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में भी सहायक सिद्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है तथा राज्य सरकार साहित्य,
कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि डॉ. योजना साह जैन की रचनाएं देश-विदेश के पाठकों को भारतीय समाज और संस्कृति को निकट से समझने का अवसर प्रदान करेंगी।
इस अवसर पर डॉ. योजना साह जैन ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति,
सामाजिक जीवन और मानवीय संवेदनाओं को साहित्य के माध्यम से विश्व पटल तक पहुंचाना उनका सतत प्रयास रहा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि साहित्य देशों और समाजों के बीच संवाद, समझ और आपसी विश्वास को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।