भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर कांग्रेस के आरोपों को दुर्भावना और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने इस संवेदनशील प्रकरण में त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच,
प्रभावी अभियोजन और पीड़ित परिवार को सहायता देने तक हर स्तर पर ठोस कदम उठाए हैं।
भट्ट ने कहा कि घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
मुख्यमंत्री ने शुरू से ही स्पष्ट कर दिया था कि महिलाओं की सुरक्षा और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसी क्रम में पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए और मामले की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत किया गया और अभियोजन पक्ष ने मजबूती से पैरवी की।
आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। न्यायिक प्रक्रिया के तहत दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई,
जो न्यायालय द्वारा साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर दिया गया फैसला है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने इस पूरे मामले में संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पीड़ित परिवार की भावनाओं को भी महत्व दिया।
परिजनों की मांग पर सरकारी अधिवक्ताओं में बदलाव किया गया, ताकि वे अपनी बात न्यायिक प्रक्रिया के समक्ष रख सकें।
वहीं अंकिता के माता-पिता द्वारा सीबीआई जांच की मांग उठाए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए सीबीआई जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
पीड़ित परिवार को संबल देने के लिए सरकार ने 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई और परिवार के सदस्यों को रोजगार देने के लिए भी कदम उठाए।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने का विषय सिर्फ एक आपराधिक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा,
संवेदनशील शासन और कानून के प्रति जनता के विश्वास से जुड़ा है।
मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सरकार ने यह संदेश दिया है कि,
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर मामले में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।