जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को एक विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
इस दौरान उन्होंने छात्रों को पीसीपीएनडीटी एक्ट और मतदाता जागरूकता को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि समाज में लिंगानुपात का असंतुलन कई सामाजिक समस्याओं को जन्म देता है।
कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा पर अंकुश लगाने और लिंगानुपात में समानता लाने के लिए सरकार ने पीसीपीएनडीटी एक्ट लागू किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अधिनियम के तहत भ्रूण के लिंग का पता लगाने के लिए प्रसवपूर्व लिंग परीक्षण कराना और लिंग चयन से संबंधित कोई भी गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित है।
नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति और संबंधित केंद्रों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
उन्होंने युवाओं से समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया।
मताधिकार है हर नागरिक का कर्तव्य
लोकतंत्र में मतदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डीएम ने कहा कि एक-एक वोट लोकतंत्र को मजबूत बनाता है।
मतदान ही वह अधिकार है, जिससे नागरिक अपने जनप्रतिनिधि का चुनाव कर देश के विकास की दिशा तय करते हैं।
इसलिए प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त और समावेशी बनाने में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
इस मौके पर जिलाधिकारी ने उन सभी छात्रों को, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हुआ है, जल्द पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि पात्र युवा अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर या भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने सभी छात्र-छात्राओं को आगामी चुनावों में अनिवार्य रूप से मतदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई।