गोपेश्वर में डिग्री कॉलेज के निकट स्थित एक कैफे की रसोई में सोमवार रात भीषण आग लग गई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर सर्विस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया।
इस दौरान फायर कर्मियों ने जोखिम उठाकर रसोई में रखे तीन व्यावसायिक गैस सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला,
जिससे संभावित विस्फोट और बड़े हादसे को टाल दिया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:30 बजे फायर स्टेशन गोपेश्वर को डिग्री कॉलेज के पास स्थित एक कैफे की रसोई में आग लगने की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही फायर यूनिट मोटर फायर इंजन के साथ घटनास्थल पर पहुंची।
मौके पर कैफे की रसोई में लगी ग्रिल्ड मशीन में भीषण आग धधक रही थी और आसपास के क्षेत्र में धुआं फैल गया था।
धुएं के बीच रसोई से निकाले गैस सिलेंडर-आग की गंभीरता को देखते हुए फायर कर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाला।
मोटर फायर इंजन से होज रील फैलाकर पंपिंग के माध्यम से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।
टीम की त्वरित कार्रवाई से आग पर प्रभावी नियंत्रण पा लिया गया और उसे आसपास के भवनों तक फैलने से रोक दिया गया।
इस दौरान रसोई में अत्यधिक धुआं भरा हुआ था। इसके बावजूद फायर कर्मियों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए,
रसोई में रखे तीन व्यावसायिक गैस सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
समय रहते सिलेंडर बाहर निकाले जाने से संभावित विस्फोट का खतरा टल गया।
आसपास के भवनों तक फैल सकती थी आग-बताया गया कि,
यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो लपटें आसपास स्थित आवासीय भवनों तक पहुंच सकती थीं।
इससे बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की आशंका थी।
आग से कैफे की ग्रिल्ड मशीन, विद्युत तारों और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
फायर सर्विस गोपेश्वर की टीम की त्वरित कार्रवाई और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में किए गए साहसिक प्रयासों की घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने सराहना की।
आग बुझाने वाली टीम में ये रहे शामिल-
आग पर काबू पाने वाली फायर सर्विस टीम में प्रशिक्षु एफएसएसओ हिमांशु जोशी, लीडिंग फायरमैन अतर सिंह राणा, चालक नरेश सिंह,
फायरमैन संतोष कंडेरी, प्रेम प्रकाश, सूरज सिंह राणा और यशवंत सिंह शामिल रहे।
फायर कर्मियों की तत्परता से न केवल आग पर नियंत्रण पाया गया,
बल्कि तीन व्यावसायिक गैस सिलेंडरों को सुरक्षित निकालकर एक संभावित बड़े हादसे को भी टाल दिया।