देहरादून – उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय उपाध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में पुलिस द्वारा झूठे मुकदमे दर्ज करने पर जिलाधिकारी देहरादून को ज्ञापन दिया।
शांति प्रसाद भट्ट ने कहा कि 8 अप्रैल को हुई आक्रोश रैली की सूचना 5 अप्रैल को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय, देहरादून को सौंपी गई।
उसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन ने दल के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि रैली के दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्ण संयम रखा गया और किसी भी सरकारी संपति को उक्रांद कार्यकर्ताओं द्वारा हानि नहीं पहुंचाई गया।
उक्रांद कार्यालय प्रभारी ने कहा रैली को असफल करने के लिए कई असामाजिक तत्व भी बीच में घुसने का प्रयास कर रहे थे।
केंद्रीय महामंत्री समीर मुंडेपी ने कहा कि रैली के रूट की जानकारी होते हुए भी पुलिस द्वारा बैरीकेड स्कूल के सामने लगने से बच्चे और अभिवाहक परेशान हुए।
बैरीकेड का स्थान आगे या पीछे किया जा सकता था ।उक्रांद नेताओं ने पुलिस प्रशासन से निवेदन कर छात्रों को बैरीकेड से रास्ता बनवाकर आवाजाही करवाई।
केंद्रीय महामंत्री किरण रावत ने कहा कि बैरीकेड वाले स्थान पर उक्रांद की महिला कार्यकर्ताओं से पुरुष पुलिस द्वारा धक्का मुक्की में कई महिलाएं चोटिल हुई।
कई महिलाओं को 108 एम्बुलेंस द्वारा कोरोनेशन अस्पताल उपचार हेतु ले जाया गया जिसका संपूर्ण विवरण 108 वहां के उपचार पुस्तिका में दर्ज है।
उक्रांद महिला अध्यक्ष के पांव में मल्टीपल फ्रैक्चर हुआ,जिसकी मेडिकल रिपोर्ट जिलाधिकारी देहरादून को सौंप दी गई है । उक्रांद ने जिलाधिकारी देहरादून से मांग करते हुए कहा कि उक्रांद महिलाओं के साथ पुरुष पुलिस द्वारा अभद्रता की जांच हो तथा दोषी पर मुकदमा दर्ज किया जाए।
समाचार पत्रों पर भी उक्रांद की छवि खराब करने के लिए कार्यवाही की जाए।उक्रांद कार्यकर्ताओं पर लगाए गए झूठे मुकदमे को अभिलंब निरस्त किया जाए।
ज्ञापन देने वालों में केंद्रीय कोषाध्यक्ष कुंवर प्रताप सिंह, केंद्र संगठन मंत्री अशोक सिंह नेगी, वीरेंद्र रावत, जितेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।
