देहरादून नगर निगम ने शहर में पशुओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक और सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
पशु चिकित्सा अनुभाग अब बंदरों, आवारा कुत्तों, पालतू पशुओं, डेयरी और मीट से संबंधित सभी प्रकार की शिकायतों के निस्तारण के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर वरुण अग्रवाल के अनुसार, पालतू श्वान पॉलिसी 2025 को गजट नोटिफिकेशन के बाद 14 मार्च से पूरी तरह लागू कर दिया गया है।
इस पॉलिसी के तहत पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त चालान और नोटिस की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि बिना लीश और मज़ल के कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर घुमाने, गंदगी फैलाने और उसे साफ न करने जैसी शिकायतों पर नगर निगम सख्ती से कार्रवाई कर रहा है।
ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर तुरंत जुर्माना लगाया जा रहा है।
इसके अलावा, शहर में बंदरों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
नगर निगम ने कोटेशन के आधार पर बंदरों को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की है।
किद्दूवाला, टिहरी कॉलोनी, राजपुर, ब्राह्मणवाला, रेलवे स्टेशन और बंगाली कोठी जैसे क्षेत्रों से बंदरों को पकड़कर चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा जा चुका है।
नगर निगम का दावा है कि सीएम हेल्पलाइन या अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली शिकायतों का 24 घंटे के भीतर निस्तारण किया जा रहा है, जिससे शहरवासियों को राहत मिल रही है।
नगर निगम की इस सख्त कार्यवाही से उम्मीद जताई जा रही है कि देहरादून में पशुओं से जुड़ी समस्याओं पर जल्द ही प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।