प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टीनेंट जनरल गुरमीत सिंह से मांग करते हुए।
प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए।
कांग्रेस ने कहा कि उत्तराखंड में हाल ही में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निभाई गई।
पक्षपातपूर्ण भूमिका व आयोग द्वारा पंचायत राज अधिनियम के उस नियम के विरुद्ध जिसमें दो निकायों या दो जगह की मतदाता सूची में नाम शामिल होने।
वाले लोगों को चुनाव में प्रतिभाग करने से प्रतिबंधित करने के विरुद्ध आदेश जारी करने के,
असंवैधानिक निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय नैनीताल के निर्णय की अवमानना के विरुद्ध राज्य निर्वाचन आयोग की अपील पर जिस प्रकार की टिप्पणी,
उच्चतम न्यायालय ने की है और साथ ही उसको खारिज करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग पर दो लाख रुपए का अर्थ दंड लगाया है।
उससे प्रदेश कांग्रेस का राज्य निर्वाचन आयोग पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो गई है।
और अब या तो राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील शर्मा को स्वयं त्याग पत्र दे देना चाहिए या राज्यपाल को उन्हें तत्काल राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद से बर्खास्त कर देना चाहिए।
उच्चतम न्यायालय के आदेशों की प्रति देते हुए कांग्रेस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जिस प्रकार से राज्य निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता,
द्वारा बार बार आयोग की अपील पर सुनवाई की मांग का जिक्र किया उससे राज्य निर्वाचन आयोग की हठधर्मिता,
व न्यायालय और कानून के प्रति आयोग का लापरवाह नजरिया स्पष्ट दिखाई देता है जिसके कारण उच्चतम न्यायालय को आयोग पर अर्थदंड लगाना पड़ा।
कांग्रेस ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयुक्त को एक पल भी अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।