Headlines

Against :- किसानों की आवाज़ दबाने का प्रयास लोकतंत्र के खिलाफ- रावत

मुज़फ्फरनगर 6 नवम्बर 2025।

किसानों की आवाज़ दबाने का प्रयास लोकतंत्र के खिलाफ: मुज़फ्फरनगर में कांग्रेस की किसान अधिकार रैली में बोले पूर्व सीएम हरीश रावत

जनपद मुज़फ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र स्थित कमला फ़ार्म में आयोजित कांग्रेस की किसान अधिकार रैली में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने शिरकत की।

रैली में बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। इस दौरान हरीश रावत ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर कड़े शब्दों में हमला,

बोला और कहा कि मौजूदा सरकारें किसानों और मज़दूरों के वास्तविक हितों की अनदेखी कर रही हैं।

हरीश रावत ने कहा कि देश का अन्नदाता आज भी अपनी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पाने के लिए संघर्ष कर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के वादों के बावजूद किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है।

उन्होंने कहा कि यूरिया, डीएपी और कीटनाशक दवाओं जैसी बुनियादी कृषि सामग्री समय पर और उचित दर पर उपलब्ध नहीं है,

जिससे किसान गहरे तनाव में हैं और खेती का खर्च बढ़ता जा रहा है। रावत ने इसे स्पष्ट रूप से किसानों के आर्थिक शोषण का मामला बताया।

रावत ने अपने संबोधन में राहुल गांधी और कांग्रेस की पिछली सरकारों के फैसलों का उल्लेख करते हुए,

कहा कि कांग्रेस ने किसानों की ज़मीन के उचित मूल्य को सुनिश्चित करने के लिए भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन करवाया था।

यह संशोधन किसानों को उनकी ज़मीन के बदले न्यायसंगत व सम्मानजनक मुआवज़ा दिलाने के लिए किया गया था।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियाँ सदैव किसानों के हित में रही हैं और आगे भी रहेंगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब शासन-प्रशासन “कपड़ों को देखकर” लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने लगा है,

जबकि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया किसानों की आवाज़ दबाने वाला हो गया है, जबकि लोकतंत्र की असली ताकत ही जनता की आवाज़ होती है।

हरीश रावत ने अपने संबोधन में चौधरी चरण सिंह और महेंद्र सिंह टिकैत जैसे किसान आंदोलनों की ऐतिहासिक भूमिका को याद किया।

उन्होंने कहा कि उन दिनों किसान का सम्मान किया जाता था, उसकी बात सुनी जाती थी, उसके हितों पर निर्णय लिए जाते थे।

लेकिन आज हालत यह है कि किसानों को धरनों और आंदोलन से पहले ही सीमाओं पर रोक दिया जाता है,

उन्हें बदनाम किया जाता है और उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय टाल दिया जाता है।

रावत ने कहा कि जब तक देश का किसान खुश नहीं, तब तक देश समृद्ध नहीं हो सकता।

उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के लिए संगठित रहें और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाते रहें।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा की तरह किसानों के साथ पहले भी खड़ी थी और आगे भी खड़ी रहेगी।

इस रैली में स्थानीय नेताओं, किसानों और ग्रामीण समाज की बड़ी भागीदारी देखने को मिली,

जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि किसानों के मुद्दे आज भी राजनीति और समाज का केंद्र बिंदु हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WordPress Hub eClass – Learning Management System eClassify – Classified ads Buy and Sell Marketplace Flutter App with Laravel Admin Panel eClipse – Photography Portfolio WordPress Theme eClipse – Photography Portfolio WordPress Theme Eco Nature – Environment & Ecology WordPress Theme Eco Press – Nature, Ecology & NGO WordPress Theme Eco Recycling – Ecology & Nature WordPress Theme EcoClean – House Cleaning Company WordPress Theme eCode WP – Multipurpose WooCommerce Elementor Theme EcoGrow – Green Farming & Agriculture WordPress Theme