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Shani Dosha:- शनिवार को शनिदेव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व, तेल का दीपक जलाने और दान करने से मिलती है शनि दोष से मुक्ति की कामना

पंचूर वार्ता | धार्मिक मान्यता

देहरादून 07 नवंबर 2026।

हिंदू धर्म में शनिवार का दिन भगवान शनिदेव को समर्पित माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव को न्याय और कर्मफल का देवता कहा जाता है।

ऐसी मान्यता है कि शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं।

यही कारण है कि शनिवार के दिन देशभर में श्रद्धालु शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मंदिरों में पहुंचते हैं।

शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा के दौरान सरसों के तेल का दीपक जलाने, काले तिल, काली उड़द और वस्त्रों का दान करने की परंपरा है।

मान्यता है कि इस दिन जरूरतमंदों और असहाय लोगों की सहायता करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

इसके साथ ही हनुमान चालीसा और शनि चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव होता है, वे शनिवार को विशेष पूजा और दान-पुण्य करते हैं।

श्रद्धालु इस दिन शनि मंदिरों में जाकर तेल अर्पित करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की कामना करते हैं।

शनिवार को संयम, सेवा और अच्छे कर्मों का विशेष महत्व बताया गया है।

धार्मिक मान्यता है कि व्यक्ति को इस दिन ही नहीं, बल्कि प्रत्येक दिन जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए और अपने कर्मों को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए।

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