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Accident:- केदारनाथ पैदल मार्ग पर बड़ा हादसा: चीरबासा के पास पत्थर गिरने से बुजुर्ग की मौत, सोनप्रयाग-गौरीकुंड में रोके जा रहे यात्री

लगातार बारिश से बढ़ा खतरा, प्रशासन हाई अलर्ट पर; श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील


पंचूर वार्ता ब्यूरो

रुद्रप्रयाग, 13 सितम्बर। लगातार हो रही बारिश के बीच केदारनाथ यात्रा मार्ग पर रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया।

चीरबासा हैलीपैड के समीप पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद जिला प्रशासन, पुलिस, वाईएमएफ, डीडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं।

प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए सोनप्रयाग और गौरीकुंड में श्रद्धालुओं की आवाजाही को स्थिति के अनुसार अस्थायी रूप से रोकना शुरू कर दिया है।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सुबह 10:53 बजे सूचना मिली कि चीरबासा हैलीपैड के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है।

सूचना मिलते ही सेक्टर अधिकारी गौरीकुंड को अलर्ट किया गया और वाईएमएफ, डीडीआरएफ, आपदा मित्र तथा पुलिस की रेस्क्यू टीमें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुईं।

रेस्क्यू टीमों ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करते हुए घायल व्यक्ति को गौरीकुंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया,

जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया।

मृतक की पहचान मदन मोहन तिवारी (65 वर्ष) पुत्र जयनारायण तिवारी निवासी ग्राम पठाली, थाना एवं तहसील ऊखीमठ, जनपद रुद्रप्रयाग के रूप में हुई है।

बारिश से पैदल मार्ग पर बढ़ा खतरा-

जिला प्रशासन के अनुसार लगातार वर्षा के कारण चीरबासा हैलीपैड के आसपास की पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं,

जिससे केदारनाथ पैदल मार्ग बार-बार प्रभावित हो रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका जा रहा है।

मार्ग को सुचारु करने के लिए 26 श्रमिकों की टीम लगातार मलबा और पत्थर हटाने में जुटी हुई है।

इसके अलावा डीडीएमए गुप्तकाशी की टीम भी राहत एवं मार्ग बहाली कार्य में लगी हुई है। हालांकि पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे के कारण मार्ग खोलने में कठिनाइयां बनी हुई हैं।

सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोके जा रहे श्रद्धालु-

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम और पैदल मार्ग की वास्तविक स्थिति को देखते हुए ही यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है।

सेक्टर अधिकारी गौरीकुंड और सोनप्रयाग लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए कई स्थानों पर यात्रियों को अस्थायी रूप से रोका जा रहा है।

संवेदनशील क्षेत्रों में लाउडस्पीकर और अनाउंसमेंट के माध्यम से श्रद्धालुओं को लगातार सतर्क किया जा रहा है तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।

जिलाधिकारी ने दिए सतर्कता के निर्देश-

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा आपदा कंट्रोल रूम से केदारनाथ पैदल मार्ग और जनपद के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तत्परता बनाए रखने, मार्ग को सुरक्षित तरीके से सुचारु करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन की अपील-

जिला प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक जोखिम न लें,

संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतें तथा प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

फिलहाल केदारनाथ यात्रा मार्ग पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और मौसम की स्थिति सामान्य होने तक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

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