ऋषिकेश की अदालत ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कैम्ब्रियन हॉल एजुकेशनल ट्रस्ट से जुड़ी,
कथित भूमि घोटाले के मामले में पुलिस द्वारा दाखिल की गई क्लोज़र रिपोर्ट को खारिज कर दिया है।
यह मामला ट्रस्ट की संपत्ति की बिक्री में कथित अनियमितताओं से संबंधित है।
कैम्ब्रियन हॉल एजुकेशनल ट्रस्ट, जो सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत एक संस्था है।
और देहरादून में रक्षा भूमि पर संचालित कैम्ब्रियन हॉल स्कूल का संचालन करता है,
पहले से ही रक्षा भूमि की लीज समाप्त होने के बावजूद स्कूल संचालन को लेकर सवालों के घेरे में है।
अब एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में ट्रस्ट के अध्यक्ष कृष्णा शम शेर जंग बहादुर राणा के विरुद्ध न्यायिक मजिस्ट्रेट,
ऋषिकेश की अदालत ने थाना रायवाला पुलिस को एफआईआर संख्या 62/2019, थाना रायवाला (शिकायतकर्ता अमृता सिंह द्वारा दर्ज) में विस्तृत और पुनः जांच करने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश अमृता सिंह द्वारा दायर विरोध याचिका (प्रोटेस्ट पिटीशन) पर सुनवाई के बाद पारित किया गया।
अमृता सिंह की ओर से अधिवक्ता मयंक दत्ता और काव्या मेहरिशी ने अदालत में पक्ष रखा।
अदालत ने अमृता सिंह के उन तर्कों को संज्ञान में लिया, जिनमें कहा गया था कि जांच में गंभीर आरोपों पर ध्यान नहीं दिया गया।
आरोप है कि ट्रस्ट के दस्तावेजों में हेरफेर कर तथा रिकॉर्ड में कथित जालसाजी कर “नेपाली फार्म” संपत्ति की बिक्री आचार्य बालकृष्ण को पूर्व प्रभाव से अधिकृत दिखाने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता की ओर से यह भी बताया गया कि आरोपी कृष्णा शम शेर जंग बहादुर राणा अन्य आपराधिक मामलों का भी सामना कर रहे हैं।
इनमें एफआईआर संख्या 0156/2025 शामिल है, जिसमें आरोप है कि पूर्व न्यायिक कार्यवाही के दौरान जिला न्यायालय की ऑर्डर शीट पर शिकायतकर्ता के हस्ताक्षरों की जालसाजी की गई।
इसके अलावा एफआईआर संख्या 145/2018, थाना रायवाला, जो कृष्णा राणा के बड़े भाई ऋषि शुन शेर जंग बहादुर राणा द्वारा दर्ज कराई गई थी,
भी लंबित है, जिसमें जालसाजी और प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) के आरोप हैं।
अदालत के समक्ष यह भी उल्लेख किया गया कि संपत्ति की बिक्री में भारी वित्तीय अनियमितताएं और बाजार मूल्य से कम आकलन (अंडरवैल्यूएशन) किया गया।
साथ ही बिक्री से प्राप्त करोड़ों रुपये की राशि ट्रस्ट के आधिकारिक बैंक खातों में दर्ज नहीं है और उसका कोई स्पष्ट हिसाब उपलब्ध नहीं है।
क्लोज़र रिपोर्ट खारिज किए जाने के बाद अब थाना रायवाला पुलिस को मामले की पुनः विस्तृत जांच कर अदालत में नई रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
इसे निम्नलिखित बिंदुओं को भी शामिल करते हुए प्रस्तुत किया जा सकता है।
रक्षा विभाग के साथ की गई वह लीज, जिसके आधार पर रक्षा भूमि पर कैम्ब्रियन हॉल स्कूल का संचालन किया जा रहा था, पहले ही समाप्त हो चुकी है।
इसके बावजूद विद्यालय का संचालन जारी है, जो कथित रूप से अवैध है।
माजरा स्थित संपत्ति की बिक्री के लिए दी गई अनुमति को सोसायटी रजिस्ट्रार द्वारा स्थगित (स्टे) कर दिया गया है।
सोसायटी का अंतिम नवीनीकृत पंजीकरण भी जांच के दायरे में है और उस पर कानूनी अड़चनें बनी हुई हैं।
इसमें स्थायी सदस्यों को कथित रूप से गलत तरीके से हटाने तथा संचालन समिति (गवर्निंग बॉडी) के सदस्यों के मनमाने चयन के आरोप शामिल।