DehradunNews:- कुण्डलिनी शक्ति
देहरादून – कुण्डलिनी शक्ति मूलाधार चक्र में सन्निहित दिव्य शक्ति की ही अर्वाचीन तन्त्रग्रन्थों में कुण्डलिनी शक्ति और वैदिक साहित्य में इसे ब्रहावर्चस् कहा गया है। साधारणतया प्राणशक्ति इडा एवं पिंगला नाड़ियों से ही प्रवाहित होती है। जब व्यक्ति संयमपूर्वक प्राणायाम एवं ध्यान आदि यौगिक क्रियाओं का अभ्यास करता है, तब सुप्त सुपुष्णा नाड़ी में…
