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UCC:- जाने किया है समान नागरिक संहिता नियमावली 2025 !

देहरादून –  मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहाकि समान नागरिक संहिता नियमावली, 2025 में विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप और उत्तराधिकार से सम्बन्धित सेवाओं के लिए पंजीकरण शुल्क, विलंब शुल्क/शास्ति एवं अर्थदण्ड का प्रावधान किया गया है।

जिसमें विवाह हेतु  नियम 9 (11) (क) और 9 (11) (ख) के अंतर्गत विवाह पंजीकरण / पंजीकृत विवाह की पावती के लिए शुल्क रू0 250।

विवाह पंजीकरण/ पंजीकृत विवाह की पावती के लिए नियम 9 (11) (घ) के अंतर्गत शुल्क, (तत्काल) रू0 2500।

नियम 9 (11) (ग) के अंतर्गत विलम्ब शुल्क पंजीकरण शुल्क के अतिरिक्त देय होगा तथा इसकी गणना 90 दिनों तक की देरी के लिए की जाएगी, 200, तथा 90 दिनों से अधिक की देरी के लिए। रू0 400/-(विलंब के प्रत्येक पूर्ण एवं आंशिक रूप से पूर्ण तिमाही के लिए) अधिकतम रु. 10,000/- तक।

तलाक में नियम 10 (7) (क) के अंतर्गत तलाक या विवाह की अमान्यता के डिक्री के पंजीकरण के लिए शुल्क रू0 250/-

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नियम 10 (7) (ख) के अंतर्गत विलंब शुल्क पंजीकरण शुल्क के अतिरिक्त देय होगा और इसकी गणना 90 दिनों तक की देरी के लिए की जाएगी, शुल्क रू0 200/-

और 90 दिनों से अधिक के लिएरू0 400/- तथा विलंब के प्रत्येक पूर्ण एवं आंशिक रूप से पूर्ण तिमाही के लिए) अधिकतम रु 10,000/- तक ।

उत्तराधिकार में नियम 12 (7) के तहत बिना वसीयत के उत्तराधिकार के संबंध में कानूनी वारिस (यों) की घोषणा के लिए शुल्क। 250/-

नियम 14 (2) (ग) के तहत वसीयतनामा उत्तराधिकार विवरण के पंजीकरण के लिए शुल्क रू0 250

सहवासी संबंध में  नियम 15(9) के अंतर्गत लिव-इन-रिलेशनशिप के पंजीकरण के लिए शुल्क रू0 500 ।

नियम 6(4) (ङ) के अंतर्गत निर्धारित समय अवधि के पश्चात् सूचना अपडेट करने के लिए विलम्ब शुल्क 1000/-

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नियम 16 (5) के अंतर्गत लिव-इन रिलेशनशिप की समाप्ति के लिए शुल्क रू0 500/-

दंड में पंजीकृत विवाह के पंजीकरण या स्वीकृति में जानबूझकर चूक या लापरवाही के लिए नियम 7(1) (ङ) (i  ) और 7(1) (ङ) (ii) के अंतर्गत जुर्माना/दंड। पंजीकरण शुल्क और विलंब शुल्क के अलावा अधिकतम 10000/- तक

तलाक या विवाह को निरस्त करने के आदेश के पंजीकरण के लिए ज्ञापन प्रस्तुत करने में जानबूझकर चूक या लापरवाही के लिए नियम 7 (2) (घ) (i  ) के अंतर्गत जुर्माना/दंड।

पंजीकरण शुल्क और विलंब शुल्क के अलावा अधिकतम 10000/- तक,दूसरी बार झूठी शिकायत करने, और, जुर्माना रू0 5000/-,तीसरी बार झूठी शिकायत करने पर नियम 20 (2) के तहत जुर्माना रू0 10,000/-रू।

नियम 20 (8) (ग) के तहत किराया समझौता करने से पहले श्लिव-इन-रिलेशनशिप के प्रमाण पत्र/अनंतिम प्रमाण पत्र के उल्लंघन के लिए मकान मालिक को जुर्माना। अधिकतम जुर्माना 20,000/- तक।

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प्रमाणित प्रतियों हेतु शुल्क  प्रमाणित उद्धरण (विवृत पहुंच) प्राप्त करने के लिए नियम 20 (6) (क) के तहत शुल्क रू0 100,

प्रमाणित उद्धरण (प्रतिबंधित पहुंच) प्राप्त करने के लिए नियम 20 (6) (ख) के तहत शुल्क रू0 500,

कानूनी उत्तराधिकारी की घोषणा की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए नियम 20 (7) के अंतर्गत शुल्क रू0 150,

वसीयतनामा दस्तावेज़ / बयान की घोषणा की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए नियम 20 (7) के तहत शुल्क रू0 150,

जिन व्यक्तियों का विवाह इस संहिता के लाग होने से पूर्व पंजीकृत हुआ हो या तलाक की डिक्री घोषित हुई हो या विवाह निरस्त हुआ हो, उनसे समान नागरिक संहिता नियमावली, उत्तराखण्ड, 2025 के लागू होने की तिथि से 06 माह तक उपरोक्त वर्णित पंजीकरण / अभिस्वीकृति शुल्क नहीं लिया जायेगा।

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