जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में वन भूमि हस्तान्तरण के लम्बित प्रकरणों की समीक्षा हेतु कलेक्ट्रेट कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई ।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पिछले 10 वर्षों से लम्बित लोनिवि के अंतर्गत निर्माणाधीन उपरीकोट-स्यालनाचट्टी मोटर मार्ग की व्यवहार्यता की तत्काल गहन जांच करने के निर्देश दिए।
ताकि लंबे समय से रुकी इस सड़क परियोजना को धरातल पर उतारा जा सके।
शिक्षा और बुनियादी ढांचा संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने ग्राम जोगत में प्रस्तावित विद्यालय के लिए,
वन भूमि स्वीकृति मिलने के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि वे स्वयं उक्त प्रस्ताव की विस्तृत जांच कर आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें,
ताकि विद्यालय भवन का निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ अविलंब शुरू किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, जनपद की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जल संस्थान एवं जल निगम के लम्बित वन भूमि हस्तानांतरण प्रकरणों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर इन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी कार्यदायी संस्थाएं आपसी तालमेल से काम करें ताकि जनहित से जुड़ी पेयजल और अन्य विकास योजनाएं समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो सकें।
इस दौरान डीएफओ डीपी बलूनी,जिला शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र अमोली, ईई रजनीश सैनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।