कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने नई दिल्ली में केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिष्टचार मुलाकात की।
इस दौरान उनके साथ गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी भी मौजूद थे। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने केन्द्रीय रेल मंत्री के साथ ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की।
इस दौरान उन्होंने श्रीनगर में ऐतिहासिक जीएनटीआई मैदान के पुनर्निर्माण, श्रीनगर मेडिकल काॅलेज में रेन बसेरा बनाने तथा रेल परियोजना से प्रभावित परिवारों की समस्या को रखा।
साथ ही डाॅ. रावत ने केन्द्रीय मंत्री को चार धाम यात्रा पर आने का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।
कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि,
दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के साथ केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिष्टाचार मुलाकात की।
उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री के साथ मुलाकात के दौरान उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के निर्माण कार्यों एवं परियोजना का काम शीघ्र पूरा करने को लेकर विस्तृत चर्चा की।
मुलाकात के दौरान गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी व कैबिनेट मंत्री डाॅ. रावत ने केन्द्रीय रेल मंत्री के समक्ष कई अहम मुद्दों को रखा।
डाॅ. रावत ने बताया कि रेल परियोजना की निर्माणाधीन टनल से श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत,
ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग के ऊपर की ओर स्थित टीचर्स काॅलोनी में कई लोगों के निजी व व्यावसायिक भवन क्षतिग्रस्त हुई है,
जिससे प्रभावित परिवार बेघर हो गये हैं साथ ही आर्थिक कठिनाईयों से भी जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी पौड़ी के स्तर पर गठित समिति की सर्वे व मूल्यांकन रिपोर्ट के तहत,
प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के लिये समय-समय पर रेल विकास निगम को कहा गया लेकिन अभी तक उन्हें मुआवजा की राशि नहीं दी गई।
इसके अतिरिक्त काण्डई गांव के 9 परिवारों के पूर्णतः क्षतिग्रस्त भवनों का विषय भी केन्द्रीय रेल मंत्री के समक्ष रखा गया।
डाॅ. रावत ने सभी प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा राशि देने का अग्रह केन्द्रीय मंत्री से किया।
जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने शीघ्र प्रभावितों को मुआवजा देने की बात कही।
मुलाकात के दौरान डाॅ. रावत ने रेलवे परियोजना से क्षतिग्रस्त जी.एन.टी.आई मैदान के सौन्दर्यीकरण,
एवं राजकीय मेडिकल काॅलेज श्रीनगर में तिमारदारों की सुविधा हेतु रेन बसेरा के निर्माण रेल विकास निगम की ओर से कराने का प्रस्ताव केन्द्रीय रेल मंत्री के समक्ष रखा।
जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया। इस अवसर पर डा. रावत ने केन्द्रीय रेल मंत्री को चार धाम यात्रा पर आने का भी आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।