उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की हल्द्वानी सेक्टर टीम ने बागेश्वर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए।
उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) के परियोजना अधिकारी को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
आरोपी अधिकारी पर सोलर प्लांटों की जेआईआर (JIR) कराने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
सतर्कता अधिष्ठान को एक शिकायतकर्ता ने शिकायत दी थी कि जनपद बागेश्वर स्थित उरेडा कार्यालय में सोलर प्लांटों की जेआईआर काफी समय से लंबित है।
शिकायत के अनुसार, जेआईआर कराने के लिए उरेडा के परियोजना अधिकारी धीरेन्द्र सिंह पटवाल द्वारा प्रति फाइल 10 से 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायतकर्ता की चार फाइलें लंबित थीं, जिसके लिए उससे कुल 40 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई थी।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक,
सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देश पर निरीक्षक के नेतृत्व में तत्काल ट्रैप टीम का गठन किया गया।
इसके बाद सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए,
24 जुलाई 26 को आरोपी धीरेन्द्र सिंह पटवाल पुत्र स्वर्गीय उदय सिंह पटवाल, निवासी राजनगर,
पीरूमदारा, रामनगर, जनपद नैनीताल, हाल परियोजना अधिकारी, उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा),
बागेश्वर को शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
सतर्कता अधिष्ठान की ओर से बताया गया कि मामले में अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई प्रचलित है।
भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर जारी-
सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने आम जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सहयोग करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है।
तो इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री नंबर 1064 अथवा व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर 9456592300 पर की जा सकती है।
उन्होंने लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आकर अपनी शिकायत दर्ज कराने की अपील की।