डेंगू को लेकर स्वास्थ महकमा अलर्ट मोड पर भले ही नज़र आ रहा हो लेकिन समय से पहले जो डेंगू ने देहरादून शहर में दस्तक दी है।
उसे कहीं ना कहीं स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ती हुई नज़र आ रही है आम तौर पर डेंगू के मामले अगस्त के अंत,
या सितंबर की शुरुआत तक रफ़्तार पकड़ते हैं लेकिन इस बार हालात कुछ और हैं।
मई महीने से लेकर अब तक डेंगू के 45 मामले दर्ज किए जा चुके हैं जिसका मतलब है कि संक्रमण एक महीने पहले ही फैलने लगा है।
और समय से पहले यह बढ़ते आंकड़े स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ाए हुए हैं
बीते कुछ हफ्तों में देहरादून के भीतर रुक रुक कर बारिश हुई है जिस के कारण मौसम में नमी और उमस बनी हुई है।
विशेषज्ञों की मानें तो बीच बीच में होने वाली बारिश ,हल्की गर्मी और हवा में नमी एडिज़ मच्छर के पनपने के लिए सब से अनुकूल स्थिति मानी जाति है।
ऐसे मौसम में मादा मच्छर सामान्य से कई तेज गति से अंडे देती है जिस के कारण संक्रमण फैलने की खतरा भी बढ़ जाता है।
यही कारण है की डेंगू का समय से पहला दस्तक देना सामान्य वर्षों के मुक़ाबले ज़्यादा गंभीर रूप ले सकता है
बढ़ते खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर राज्य के चालीस सरकारी और निजी अस्पतालों में 1662 बेड डेंगू के मर्जी के लिए तैयार रखें गए हैं।
जिनमें देहरादून जिले में ही 835 बेड आरक्षित रखें गए हैं साथ ही स्वास्थ्य महकमें ने 16 क्षेत्रों को चिह्नित कर उन्हें डेंगू के लिहाज़ से हॉटस्पॉट घोषित किया है।
इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग अपनी निगरानी बनाए हुए हैं लगातार फॉगिंग अभियान चलाते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम घर घर पहुंच कर निरीक्षण कर रही है ।
देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार शर्मा ने आम जनमानस से यह अपील की है कि,
अपने क्षेत्र के आस पास पानी जमा ना होने दे साथ ही उन्होंने बताया है कि यदि किसी को बुखार बदन दर्द या असामान्य कमज़ोरी महसूस होती है।
तो तुरंत अपना चेकअप करवायें , स्वास्थ्य विभाग और वॉलंटियर्स की टीम लगातार घर घर जाकर डेंगू से निपटने के लिए हर मुमकिन प्रयास कर रही हैं ।
गौरतलब है की डेंगू को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट जरूर है हालांकि इसी तरह बारिश यदि होती रही तो यह खतरा और भी ज़्यादा बढ़ सकता है।