राष्ट्रीय दृष्टिबाधितार्थ एवं दिव्यांगजन संस्थान (एनआईवीएच) के छात्रों ने संस्थान में विभिन्न समस्याओं के समाधान और छात्रहित से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
छात्रों ने कहा कि शिक्षा, छात्रावास, चिकित्सा, खेल, संस्थागत सुविधाओं और दैनिक आवश्यकताओं से जुड़ी कई समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं हो पा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने संस्थान प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा और शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
स्थायी निदेशक और आर्थिक सहायता की मांग –
छात्रों ने संस्थान में स्थायी निदेशक की नियुक्ति किए जाने की मांग की। इसके साथ ही आगे की पढ़ाई के लिए संस्थान की ओर से विद्यार्थियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को दोबारा शुरू करने की मांग भी उठाई गई।
छात्रों ने कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण सुनिश्चित करने,
संस्थान की कैंटीन में उचित दरों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने तथा साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था करने की मांग की।
छात्रावास के भोजनालय में भोजन की गुणवत्ता और उससे जुड़ी अन्य समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की भी मांग रखी गई।
विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग-
प्रदर्शनकारी छात्रों ने विद्यालय स्तर पर भी कई समस्याओं को उठाया। उनका कहना है कि प्राथमिक कक्षाओं में ब्रेल शिक्षकों की कमी है,
जिसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इसके अलावा विद्यालय में स्किल विषयों के प्रशिक्षकों की कमी दूर करने, बहुदिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग इकाई गठित करने तथा उनके लिए पर्याप्त केयरटेकर उपलब्ध कराने की मांग की गई।
छात्रों ने विद्यालय पुस्तकालय में पुस्तकों के उचित प्रबंधन और उन्हें समय पर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
माध्यमिक कक्षाओं में विषयों के प्रबंधन और समायोजन से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करने की मांग उठाई गई।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग-
छात्रों ने Global IT Challenge और संगीत प्रतियोगिताओं में संस्थान के विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की।
उनका कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के संस्थान होने के नाते विद्यार्थियों को देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।
छात्रों ने प्रत्येक वर्ष विश्व दिव्यांगता दिवस (3 दिसंबर) अथवा लुई ब्रेल दिवस (4 जनवरी) के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन कराने की मांग भी रखी।
इसके साथ ही इन महत्वपूर्ण दिवसों को संस्थान में व्यापक स्तर पर मनाने की मांग की गई। विद्यार्थियों ने Mobility Instructor की नियुक्ति की मांग भी उठाई।
संस्थागत सुविधाओं के विस्तार की मांग-
छात्रों ने संस्थान में ऑडिटोरियम के निर्माण की मांग की। इसके साथ ही ब्रेल प्रेस और एमएबी में पुस्तकों तथा ब्रेल उपकरणों की बढ़ती कीमतों से विद्यार्थियों को हो रही परेशानी का समाधान करने की मांग की गई।
खेल सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया-
प्रदर्शन के दौरान खेल सुविधाओं को लेकर भी छात्रों ने अपनी समस्याएं रखीं। विद्यार्थियों ने फुटबॉल ग्राउंड, जिम रूम और रनिंग ट्रैक उपलब्ध कराने की मांग की।
खेल सामग्री समय पर उपलब्ध कराने और महिला विद्यार्थियों के लिए महिला पीटीआई की नियुक्ति की मांग भी की गई।
चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग-
छात्रों ने संस्थान की डिस्पेंसरी की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। उन्होंने डिस्पेंसरी के समय में सुधार,
कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने तथा विद्यार्थियों की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की।
छात्रावासों की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो-
छात्रों ने पुरुष छात्रावास में स्थायी वार्डन की नियुक्ति की मांग की। कन्या छात्रावास में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को गणवेश, जूते और अन्य आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
दोनों छात्रावासों में वाई-फाई और सीसीटीवी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा मेडिकल किट की उपलब्धता बनाए रखने की मांग की गई।
छात्रों ने रात के समय दोनों छात्रावासों में कम से कम एक-एक सफाई कर्मचारी की व्यवस्था करने की भी मांग की।
कन्या छात्रावास में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा विद्यार्थियों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर रोक लगाने की मांग भी प्रदर्शन के दौरान उठाई गई।
इसके अलावा छात्राओं के अभिभावकों की अनुमति और सहमति के बाद उनके छात्रावास से बाहर आने-जाने से जुड़े नियमों पर उचित विचार-विमर्श करने की मांग की गई।
छात्रों ने कहा—समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें किसी व्यक्तिगत लाभ से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की सुरक्षा,
स्वास्थ्य, खेल, छात्रावास और संस्थान में बेहतर शैक्षणिक वातावरण से संबंधित हैं। छात्रों ने संस्थान प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर समयबद्ध तरीके से समाधान करने की अपील की है।
छात्रों का कहना है कि दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने वाले संस्थान में सुविधाओं और व्यवस्थाओं का स्तर ऐसा होना चाहिए,
जिससे विद्यार्थी आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।