मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जनहित, प्रशासनिक सुधार, स्वास्थ्य, सहकारिता, ऊर्जा और कार्मिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देने के साथ ही उपनल कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से समान कार्य के लिए समान वेतन देने,
सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समर्पित प्रकोष्ठ स्थापित करने तथा राज्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए 1320 मेगावाट बिजली खरीदने जैसे अहम फैसलों पर मुहर लगाई।
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखण्ड राज्य सहकारिता नीति-2026 को लागू करने का निर्णय लिया।
इस नीति का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, आत्मनिर्भर और व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाना है।
इसके माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन, महिला और युवा सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन तथा पलायन रोकने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
बैठक में सरकारी कर्मचारियों के वेतन मैट्रिक्स में तकनीकी संशोधन को भी मंजूरी दी गई।
राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के अनुरूप वेतन स्तरों का पुनर्निर्धारण करने का निर्णय लिया है, जिससे सेवा नियमावलियों में एकरूपता लाई जा सके।
परिवहन क्षेत्र में कैबिनेट ने हाइब्रिड और सीएनजी वाहनों को दी जा रही ग्रीन सेस एवं कर छूट को समाप्त करने का निर्णय लिया।
सरकार का मानना है कि इन वाहनों की संख्या बढ़ने से राजस्व पर असर पड़ रहा था, इसलिए इन्हें क्रमबद्ध रूप से कराधान के दायरे में लाया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में कैबिनेट ने उत्तराखण्ड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन को मंजूरी दी।
इसके माध्यम से दवाओं, सर्जिकल सामग्री, उपकरणों और इम्प्लांट्स की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाएगा।
इसके अलावा हरिद्वार मेडिकल कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की शाखा स्थापित करने के लिए एक एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
इससे रोग निगरानी, महामारी नियंत्रण और उन्नत जांच सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सांख्यिकीय संवर्ग सेवा नियमावली-2026,
कारागार उप कारापाल अधीनस्थ सेवा संशोधन नियमावली-2026, लोकायुक्त खोजबीन समिति नियमावली-2026 तथा उत्तराखण्ड आबादी सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रिया नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी।
नई आबादी सर्वेक्षण नियमावली के तहत आधुनिक जीआईएस तकनीक की सहायता से शहरी क्षेत्रों के भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा।
राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के 85 तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में सेवा स्थानांतरण पर भेजने का फैसला किया है।
इससे निगम के प्रशासनिक खर्चों में कमी आने और गुणवत्तापूर्ण बीजों की आपूर्ति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
देहरादून में रिस्पना नदी किनारे स्थित मलिन बस्ती के चयनित परिवारों को काठबंगला में निर्मित 116 आवासों का आवंटन करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।
यह निर्णय नदी किनारे की अवैध बस्तियों के व्यवस्थित पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शहरी विकास के क्षेत्र में यूयूएसडीए (UUSDA) के पुनर्गठन को स्वीकृति दी गई। विभिन्न नगर निकायों में सीवरेज, पेयजल, सड़क,
ई-बस और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं के संचालन के लिए 94 अस्थायी पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की गई।
कैबिनेट ने ऋषिकेश में कैंसर रोगियों के लिए प्रस्तावित हॉस्पिटल केयर सेंटर के निर्माण हेतु अंत्योदय फाउंडेशन को की जाने वाली गिफ्ट डीड पर लगभग 8.87 लाख रुपये की स्टाम्प ड्यूटी में छूट देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तरांचल विश्वविद्यालय परिनियम-2026 के प्रख्यापन को स्वीकृति दी गई,
जिससे निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत विश्वविद्यालय के संचालन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का नियमन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
उपनल कर्मियों के लिए बड़ी राहत-
कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय उपनल कर्मियों को लेकर रहा।
सरकार ने समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ तीन चरणों में लागू करने का फैसला किया है।
प्रथम चरण में 1 जनवरी 2016 से पहले नियुक्त कार्मिकों को लाभ दिया जाएगा।
दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मियों पर 9 नवंबर 2026 से कार्रवाई होगी,
जबकि तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कर्मियों के लिए 1 अप्रैल 2027 से प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसके अलावा कृत्रिम सेवा व्यवधान (ब्रेक) की शर्त को हटाते हुए पुराने उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने का निर्णय लिया गया है।
अतिरिक्त उपनल कर्मियों के समायोजन और आवश्यकतानुसार अधिसंख्य पद सृजित करने के लिए अलग समिति गठित की जाएगी।
अग्निवीरों के लिए बनेगा समर्पित प्रकोष्ठ-
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए राज्य स्तर पर एक समर्पित प्रकोष्ठ (सेल) स्थापित किया जाएगा।
इसके संचालन के लिए संविदा आधार पर छह पद सृजित किए गए हैं, जिनमें एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं।
25 वर्षों के लिए बिजली खरीद को मंजूरी-
राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने अडानी पावर लिमिटेड से 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
25 वर्षों की अवधि के लिए यह बिजली ₹5.746 प्रति यूनिट की दर से खरीदी जाएगी।
इसके लिए उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड को बिजली आपूर्ति समझौते (PSA) पर हस्ताक्षर करने और नियामकीय स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया गया है।
शहीद सैनिकों की स्मृति में गांवों में लगेंगी प्रतिमाएं-
कैबिनेट बैठक में शहीद सैनिकों के सम्मान को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
राज्य के शहीद सैनिकों की प्रतिमाएं उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी।
सरकार का मानना है कि इससे शहीदों के अदम्य साहस और बलिदान की गाथाएं नई पीढ़ी तक पहुंचेंगी तथा युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना को बल मिलेगा।
साथ ही शहीद परिवारों के प्रति समाज और सरकार के सम्मान का भी यह प्रतीक बनेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा कैबिनेट के ये निर्णय उत्तराखण्ड के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।