उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल ने सोमवार को पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड को शिकायत पत्र सौंपकर हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित ‘शुद्धिकरण’ प्रकरण के आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की।
शिकायत पत्र में कहा गया है कि 8 अगस्त 2026 को रामलीला मैदान, हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ दलित नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का कार्यक्रम आयोजित हुआ था।
आरोप है कि कार्यक्रम के बाद 10 अगस्त को गिरीश चन्द पाण्डेय एवं उनके सहयोगियों,
द्वारा यज्ञ और गंगाजल छिड़ककर स्थल का तथाकथित “शुद्धिकरण” किया गया, जो अनुसूचित जाति समाज के सम्मान और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा आघात है।
कांग्रेस एससी विभाग का आरोप है कि यह कृत्य सार्वजनिक रूप से अनुसूचित जाति वर्ग को अपमानित करने तथा अस्पृश्यता जैसी कुरीति को बढ़ावा देने की मानसिकता को दर्शाता है।
शिकायत में कहा गया है कि इस मामले में थाना कोतवाली हल्द्वानी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को लिखित शिकायत दिए जाने के बावजूद अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
मदन लाल ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989,
राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम-1971 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई नहीं की गई,
जबकि शिकायत में दर्ज तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया जाना चाहिए था।
उन्होंने पुलिस महानिदेशक से मांग की कि संबंधित स्थानीय पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं,
तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर मदन लाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोषियों की गिरफ़्तारी नहीं की गई,
और मुकदमा दर्ज करने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वह दो दिन बाद पुलिस महानिदेशक कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू करेंगे।
इस दौरान अनुसूचित जाति विभाग के महानगर अध्यक्ष करन घाघट, प्रदेश महासचिव अधिवक्ता मानसिंह, अधिवक्ता संजय गौतम,
प्रदेश उपाध्यक्ष गगन छाछर, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष आदर्श सूद, प्रीतम सिंह आर्य, विनोद कुमार, पूर्व राष्ट्रीय कार्यक्रम सदस्य सुधीर सुनहरा,
पूर्व प्रदेश सचिव देवेंद्र सिंह, प्रदेश महासचिव नितेश राजोरिया, हिमांशु कटारिया, नोहर सिंह, प्रियांशु सिंह,
राकेश कुमार, सुरेश कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने कहा है कि यह मामला केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम से जुड़ा नहीं, बल्कि सामाजिक समानता,
संवैधानिक मूल्यों और दलित समाज के सम्मान से जुड़ा विषय है, जिस पर कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।