यमुना नदी पर प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू,
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा,दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परियोजना से संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के साथ ही लंबे समय से लंबित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है।
बैठक में परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई और राज्यों के बीच जल बंटवारे, लागत वहन, सिंचाई,
पेयजल उपलब्धता तथा ऊर्जा उत्पादन से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनी।
केंद्र सरकार ने इसे सहकारी संघवाद की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
क्या है किशाऊ परियोजना?
किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना यमुना नदी पर प्रस्तावित एक बड़ी जलविद्युत एवं जल भंडारण परियोजना है।
यह परियोजना उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर विकसित की जानी है।
परियोजना का उद्देश्य यमुना बेसिन के राज्यों को सिंचाई और पेयजल उपलब्ध कराना, बाढ़ नियंत्रण में मदद करना तथा बड़े पैमाने पर जलविद्युत उत्पादन करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार परियोजना से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
साथ ही कृषि क्षेत्र को भी पर्याप्त जल उपलब्ध होने से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इन राज्यों को मिलेगा लाभ
परियोजना से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा,
राजस्थान और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को भी दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।
यमुना नदी पर निर्भर राज्यों को अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता मिलने से पेयजल संकट और सिंचाई संबंधी चुनौतियों को कम करने में सहायता मिलेगी।
अमित शाह ने बताया ऐतिहासिक कदम
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह परियोजना क्षेत्रीय विकास,
जल सुरक्षा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने सभी राज्यों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि साझा संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए राज्यों का आपसी समन्वय देश के विकास को नई दिशा देगा।
उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण-
उत्तराखंड के दृष्टिकोण से किशाऊ परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इससे राज्य में जलविद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
साथ ही क्षेत्रीय आधारभूत ढांचे के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
प्रमुख बिंदु- अमित शाह की उपस्थिति में छह राज्यों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ।
यमुना बेसिन के राज्यों को पेयजल और सिंचाई का लाभ।
जलविद्युत उत्पादन और बाढ़ नियंत्रण में मिलेगी सहायता।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में विकसित होगी परियोजना।