कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के साथ अपने करीब छह दशक लंबे राजनीतिक जुड़ाव को लेकर भावुक अंदाज में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की है।
रावत ने कहा कि आगामी 14 अक्टूबर को कांग्रेस के साथ उनके विधिवत संबंध यानी पार्टी की सदस्यता को 58 वर्ष पूरे हो जाएंगे,
जबकि युवा कांग्रेस की गतिविधियों में उनकी भागीदारी को जोड़ें तो इस महीने कांग्रेस के साथ उनका जुड़ाव करीब 60 वर्ष का हो जाएगा।
हरीश रावत ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा कि इन छह दशकों के राजनीतिक जीवन में उनसे बहुत सारी गलतियां हुई होंगी,
लेकिन पार्टी ने कभी उनसे औपचारिक तौर पर जवाब-तलब नहीं किया। उन्होंने कहा कि कभी बहुत हुआ तो पार्टी की ओर से सहजता से यह पूछ लिया गया कि आखिर क्या बात हो गई।
इसके बाद उन्होंने अपनी राजनीतिक शरारत या कदम के पीछे जो भी कारण बताया, पार्टी ने उसे अपने एक सिपाही का कथन मानकर स्वीकार कर लिया।
पहली बार जवाब देने का मौका मिलने पर उत्सुकता
हरीश रावत ने अपने पोस्ट में संकेत दिया कि अब उनके राजनीतिक जीवन में एक ऐसा अवसर आने जा रहा है, जो उनके लिए कुछ अलग और महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की ओर जाते हुए उनके मन में एक अजीब तरह का उल्लास और गुदगुदी का अहसास हो रहा है।
रावत ने लिखा कि उन्हें समाचार सूत्रों के माध्यम से जानकारी मिली है कि उनसे उनके कुछ कार्यों को लेकर जवाब या स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
खास बात यह है कि उन्होंने इसे लेकर नाराजगी जताने के बजाय इसे अपने राजनीतिक जीवन की एक महत्वपूर्ण घटना के तौर पर लिया है।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस संबंध में पहले चर्चा सुनी तो उन्होंने स्वयं भी पार्टी नेतृत्व से मिलने का समय मांग लिया।
उनका कहना है कि वह खुद भी स्पष्टीकरण देने के लिए उत्सुक हैं।
‘राजनीतिक जीवन की एक कमी पूरी हो रही है’
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि आज उनके राजनीतिक जीवन में जो एक कमी रह गई थी, वह भी पूरी होने जा रही है।
उन्होंने कहा कि अब वह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी बात विधिवत रखेंगे।
रावत के इस बयान को कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उनके पोस्ट में एक ओर जहां कांग्रेस के साथ छह दशक के रिश्ते और पार्टी के प्रति अपने लंबे जुड़ाव का उल्लेख है,
वहीं दूसरी ओर पार्टी नेतृत्व के सामने स्पष्टीकरण देने को लेकर उनके आत्मविश्वास और बेबाक राजनीतिक अंदाज की झलक भी दिखाई देती है।
60 साल का रिश्ता और नया राजनीतिक अध्याय
हरीश रावत का कांग्रेस के साथ लंबा राजनीतिक सफर उत्तराखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण रहा है।
अपने पोस्ट के जरिए उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि पार्टी के साथ उनके रिश्ते केवल राजनीतिक पदों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि यह छह दशक लंबा व्यक्तिगत और वैचारिक जुड़ाव है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि पार्टी नेतृत्व के समक्ष हरीश रावत किन मुद्दों पर अपना पक्ष रखते हैं,
और उनके स्पष्टीकरण को कांग्रेस नेतृत्व किस रूप में लेता है। रावत के इस पोस्ट ने उत्तराखंड कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाओं को एक बार फिर हवा दे दी है।