DehradunNews:- यथा पिण्डे तथा ब्रह्माण्डे
देहरादून – चक्र-शोधन या कुण्डलिनी जागरण जो शक्ति इस ब्रह्माण्ड में है, वही शक्ति इस पिण्ड में भी है- ‘यथा पिण्डे तथा ब्रह्माण्डे।’ शक्ति का मुख्य आधार मूलाधार चक्र है। मूलाधार चक्र के जागृत होने पर दिव्य शक्ति ऊर्ध्वगामिनी हो जाती हैं; यह कुण्डलिनी जागरण हैं। जैसे सब जगह विद्युत् के तार बिछाये हुए हों…
