नगर निगम देहरादून ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था, सुरक्षित आवागमन और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
नगर आयुक्त आलोक पांडे ने संबंधित अधिकारियों को विशेष सफाई अभियान चलाने तथा वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत समयबद्ध तरीके से कराने के निर्देश दिए हैं।
नगर आयुक्त पांडे ने सभी वार्डों में विशेष सफाई अभियान संचालित कर मुख्य मार्गों,
आंतरिक गलियों और संपर्क मार्गों के किनारे उगी घास-झाड़ियों, कूड़ा-कचरा एवं अन्य अपशिष्ट को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही सफाई कार्यों की वार्डवार दैनिक रिपोर्ट फोटोग्राफ सहित प्रस्तुत करने को कहा गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
नगर क्षेत्र में वर्षा और जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त तथा गड्ढायुक्त सड़कों का स्थलीय सर्वेक्षण कर ,
15 दिनों के भीतर आवश्यक मरम्मत और पैचवर्क कर उन्हें गड्ढामुक्त बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सड़क मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
निर्माण एवं विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से नगर आयुक्त पांडे ने कार्य प्रारंभ होने से पहले स्थल निरीक्षण,
जीपीएस लोकेशन सहित फोटोग्राफ तथा कार्य की आवश्यकता संबंधी प्रमाण-पत्र को पत्रावली में अनिवार्य रूप से संलग्न करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा कार्य शुरू होने से पहले और पूर्ण होने के बाद एक ही दिशा से ‘बिफोर-आफ्टर’ फोटोग्राफ लिए जाएंगे,
जिससे कार्यों की वास्तविक प्रगति का आकलन किया जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि किसी भी प्रस्तावित कार्य को स्वीकृति देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि,
उसी स्थल पर समान प्रकृति का कार्य किसी अन्य योजना या विभाग के माध्यम से पहले से स्वीकृत या प्रस्तावित न हो।
इससे कार्यों की पुनरावृत्ति रोकने और सार्वजनिक धन के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
नगर आयुक्त पांडे ने चेतावनी दी कि निर्धारित प्रक्रिया और निर्देशों का पालन नहीं होने पर संबंधित कार्यों का भुगतान नहीं किया जाएगा,
तथा अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को नागरिक सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षित आवागमन और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने,
तथा सभी कार्यों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।