परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर विभागीय कार्यों की समीक्षा की।
मंत्री ने उत्तराखण्ड परिवहन निगम के अंतर्गत रामनगर तथा टनकपुर में निर्माणाधीन बस स्टेशनों का निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि,
उक्त स्टेशनों का निर्माण कार्य लगभग 70 प्रतिशत तक पूर्ण कर लिया गया है उन्होंने कहा कि शेष कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड परिवहन निगम तथा परिवहन विभाग के आपसी समन्वय से पिछले कुछ समय में परिवहन के राजस्व में बढ़ोत्तरी देखी गई है।
उन्होंने कहा कि इस चारधाम यात्रा सीजन में अभी तक परिवहन निगम द्वारा लगभग 08 करोड़ रूपये की आय अर्जित की गई है।
उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे पर किराया घटाये जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इस कदम से यात्रियों की पहली पसन्द उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसें रही हैं।
मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य परिवहन निगम को घाटे से उबारना है। उन्होंने कहा कि जल्द ही परिवहन निगम की 50 नई मिनी बसों का संचालन,
पहाड़ के छोटे मार्गों पर किया जायेगा जिससे यात्रा करना और भी सरल और सुगम हो जायेगा।
उन्होंने इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशनों में बढ़ोत्तरी करने के भी निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार से लगभग 140 इलेक्ट्रिक बसों की खेंप उत्तराखण्ड को जल्द ही प्राप्त होने जा रही है जिससे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा टिकट प्रोसेसिंग को सरल बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा सीएससी सेंटरों से भी टिकट बुक किये जाने की सुविधा प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग के कार्यालयों को अपग्रेड किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में सिटी बसों के संचालन हेतु कार्य योजना बनाई गयी है जिससे आम जनमानस को बहुत सुविधा प्राप्त होगी।
उन्होंने बसों की मरम्मत, बस डिपो की स्थिति, पुरानी बसों को हटाने की प्रगति, कर्मचारियों की भर्ती, बस स्टेशनों की भौतिक स्थिति, पेयजल, शौचालय,
ऑनलाइन बुकिंग, यात्री शिकायतों के निपटारे की स्थिति, तकनीकी अपग्रडेशन और भविष्य के माॅडल पर भी विस्तृत चर्चा की।
बैठक में सदस्य परिवहन निगम प्राधिकरण संजय अरोड़ा, एमडी परिवहन निगम रीना जोशी,
उपायुक्त सुनील शर्मा, जीएम अनिल सिंह गर्ब्याल तथा अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।