नैनीताल 28 अगस्त 2025। मल्लीताल में मोहन को चौराहे पर स्थित 1863 में बने ओल्ड लंदन हाउस की ऊपरी मंजिल में देर रात भीषण आग लग गई।
इस इमारत में शांता बिष्ट (86) की आग में जलकर मौत हो गई। आग बुझाने के बाद उनका शव बरामद किया गया।
नैनीताल के ओल्ड लंदन हाउस में बुधवार रात करीब दस बजे लगी आग देर रात दो बजे तक भी पूरी तरह नहीं बुझ पाई थी।
लपटों से घिरी जिंदगी को बचाने के लिए तीन विभागों के 40 से अधिक कर्मचारी राहत-बचाव में जुटे रहे।
देर रात एक बजे करीब 90 फीसदी आग पर काबू पाया तो कर्मियों को भीतर से शांता विष्ट का शव बरामद हुआ।
इससे तीन घंटे तक जारी जिंदगी बचाने की उम्मीद स्वाहा हो गई। घटना को सबसे पहले निकट में मोबाइल की दुकान चलाने वाले विनीद कुमार वर्मा ने देखा।
उन्होंने घटना से कुछ समय पहले ही ओल्ड लंदन हाउस में रह रहीं प्रो. अजय रावत की बहन शांता बिष्ट (83) और उनके पुत्र निखिल को इवनिंग वॉक से घर लौटते देखा था।
विनोद ने बताया कि रात 9:54 बजे उन्हें कुछ जलने की गंध महसूस हुई। बाहर आए तो हल्का धुआं दिखा और जल्द ही आग की लपटें नजर आने लगीं।
उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड को फोन किया। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
लेकिन यह नाकाफी साबित हुआ और फायर ब्रिगेड की गाड़ी फिर पानी लेने चली गई।
जिस भवन में बुधवार को आग लगी वह 1863 में बना था। उस वक्त नैनीताल में तत्कालीन यूनाइटेड प्रोविन्स की ग्रीष्मकालीन राजधानी की स्थापना की शुरुआत हुई थी।
तब इसमें नॉर्थ वेस्टर्न प्रोविंस के ब्रिटिश अधिकारी रहते थे। यह घर लकड़ी का बना हुआ था। इसी बजह से आग तुरंत भड़क गई।
भवन में प्रो. अजय रावत की बहने कर्णलता रावत और शांता बिष्ट निवास करती थी।
कर्णलता रावत मोहन लाल साह विद्यालय की सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य थीं।
वहीं शांता बिष्ट की घटनास्थल पर ही जलकर मौत हो गई।