देहरादून – प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने प्रदेश कार्यालय में प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 19 को लाल किले की प्राचीर से घोषणा की थी कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए इससे पर्यावरण को गंभीर खतरा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आबकारी विभाग लगातार मनमानी करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रधानमंत्री के निर्देषों के खिलाफ बढावा देने का काम कर रहा है। आबकारी विभाग ने 20 नवम्बर 23 को उत्तराखण्ड में शराब की बोतलों में लगने वाले होलोग्राम के लिए टेंडर निकाला जिसमें उन्होंने प्लास्टिक युक्त 36 माईक्रोन का होलोग्राम लगाने की मांग रखी।
जबकि इस पर वन पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। इतनी बडी मात्रा में उत्तराखण्ड आबकारी विभाग प्लास्टिक युक्त होेलोग्राम को लगाकर उत्तराखण्ड के पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
कांग्रेस नेता अभिनव थापर ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आबकारी विभाग की मनमानी एवं नियम विरूद्व निकाले गये टेंडर कि शिकायत की जिसका संज्ञान पीएमओ ने लिया और उसने केन्द्र के पर्यावरण मंत्रालय एमओईएफ ने एसयूपी वन की गाइड लाईन के अनुसार तीन सप्ताह में जबाव देने के आदेश दिये किन्तु आबकारी विभाग द्वारा केन्द्र की आदेशो को ठेंगा दिखाते हुए अभी तक भी जबाव नही भेजा गया है जो संदेह पैदा करता है।
कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कैबिनेट में लाई गई आबकारी नीति पर हमला बोलते हुए कहा कि यह शराब माफियाओं के इशारे पर लाई गई नीति है इस नीति से सरकार उत्तराखण्ड के लोगों को शराब के दलदल में धकेलना चाहती है। इस नीति से प्रदेश में शराब की नई दुकानें खोलने का रास्ता साफ होगा और नीति के अनुसार तीन-तीन महिने के लिए भी शराब के लाईसेन्स लिये जा सकेंगे जो सरकार खुलेआम माॅल आदि में सभी जगह शराब के लाईसेन्स दे रही हैं।
जबकि यहां की मातृशक्ति लगातार पूर्ण शराब बन्दी की मांग कर रही है। परन्तु राज्य सरकार जनता की भावनाओं के खिलाफ काम कर रही है जिससे शराब माफिया का सीधा नियंत्रण सरकार पर दिखाई पड रहा है। उन्होंने कहा कि इस नीति से प्रदेेश की जनता का कोई भी लाभ नही होने वाला है।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री महेन्द्र सिंह नेगी, नवीन जोशी, प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट ,महानगर अध्यक्ष डाॅ. जसविन्दर सिंह गोगी, आदि उपस्थित थे।
