केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने खादी और ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का उद्घघाटन किया।
देहरादून – केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने राज्य स्तरीय पीएमईजीपी प्रदर्शनी का उद्घघाटन किया। प्रदर्शनी में उत्तराखंड के ग्रामीण कारीगरों को 700 मशीनरी और टूलकिट का वितरण भी किया। राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी में बिहार, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल व जम्मू-कश्मीर के करीब 72 स्टॉल लगे हैं,
जहां पर खादी और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। प्रदर्शनी 19 फरवरी तक चलेगी। कार्यक्रम में राजपुर विधायक खजान दास उपस्थित रहे।
वितरण कार्यक्रम के दौरान कुम्हार सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत 80 कुम्हारों को विद्युत चालित चाक, 50 मधुमक्खी पालकों को 500 मधुमक्खी बक्से, 50 कारीगरों को फुटवियर रिपेयरिंग टूलकिट, 20 प्लंबर को टूलकिट, 20 इलेक्ट्रिशियन को टूलकिट, 20 कारीगरों को फल प्रशोधन मशीनरी एवं टूलकिट तथा 10 पेपर प्लेट एवं दोना पत्तल मशीनरी एवं टूलकिट प्रदान किया गया।
कारीगरों से अपने विचार साझा करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि मोदी सरकार की गारंटी ने खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की ग्लोबल ब्रांडिग की है। पिछले 9 वर्षों में ‘नये भारत की नयी खादी’ ने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को नयी दिशा दी है। जिसके परिणाम स्वरूप इस कालखंड में खादी उत्पादों की बिक्री में चार गुना से अधिक की बिक्री दर्ज की गई है। खादी की उत्पादन और बिक्री बढ़ने से ग्रामीण भारत के कारीगर आर्थिक रूप से समृद्ध हुए हैं। उन्होंने आगे बताया है कारीगरों की पारिश्रमिक में पिछले 9 वर्षों में 233 फीसदी से अधिक की वृद्धि ने कारीगरों को खादी के काम की ओर आकर्षित किया है। वितरण कार्यक्रम में खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, खादी कार्यकर्ता और कारीगर, ग्रामोद्योग विकास योजना के लाभार्थियों समेत बैंकों के प्रतिनिधि, केवीआईसी और उत्तराखंड सरकार के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

