उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने नन्दा की चौकी से विश्वविद्यालय गेट तक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह,
एवं चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ0 हरक सिंह रावत की अगुवाई में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नन्दा की चौकी से मार्च करते हुए।
विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे और मुख्य द्वार पर नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय का घेराव किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रतियोगी परीक्षाओं के बार-बार हो रहे पेपर लीक मामलों को युवा हितों पर कुठाराघात बताते हुए,
कहा कि पिछले कुछ वर्षों से देश और प्रदेश में जिस प्रकार प्रतियोगी परीक्षाओं तकनीकी शिक्षा,
नीट और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग जैसी परीक्षाओं मे पेपर परीक्षा से पूर्व लीक हो रहे हैं।
उससे परीक्षा का आयोजन करने वाली ऐजेंसियों और भाजपा सरकारों की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है,
तथा पूर्व में हुई पेपर लीक की घटनाओं में सत्ताधारी दल के लोगों की संलिप्तता ने सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को ही संदिग्ध बना दिया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार भर्ती परीक्षाओं और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है,
जिससे युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है। उन्होंने सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यदि पेपर लीक की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज करेगी।
उन्होंने मांग की कि मामले की न्यायिक जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार और परीक्षा एजेंसियों की नैतिक एवं संवैधानिक जिम्मेदारी है।
यदि प्रतिभाशाली और मेहनती विद्यार्थियों को न्याय नहीं मिलेगा तो युवाओं का व्यवस्था से विश्वास उठना स्वाभाविक है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक प्रकरण में जिन लोगों ने पैसे और प्रभाव के दम पर मेहनती विद्यार्थियों के अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
प्रदेश चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रवेश परीक्षा (नीट) तथा तकनीकी शिक्षा परीक्षा में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक,
अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के मामलों ने लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का विश्वास गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और धांधली के मामलों ने लाखों मेहनती छात्रों और उनके अभिभावकों का विश्वास तोडने का काम किया है।
यह केवल एक परीक्षा में गड़बडी का मामला नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
वर्षों की कठिन मेहनत, आर्थिक संसाधनों और मानसिक दबाव के बीच परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है।
उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार को चेतावनी दी है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठाया जाएगा।
चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ0 हरक सिंह रावत ने कहा कि आज देश और प्रदेश का युवा अपने गरीब माता-पिता की खून पसीने की कमाई से,
दिन-रात मेहनत करके अपने भविष्य का सपना देखता है, लेकिन जब परीक्षाओं की गोपनीयता ही सुरक्षित न रहे तो प्रतिभाशाली और ईमानदार छात्रों का मनोबल टूटना स्वाभाविक है।
भाजपा की केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पारदर्शी और मजबूत परीक्षा प्रणाली लागू करें।
इससे पूर्व नीट और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग परीक्षा तथा अब तकनीकी परीक्षा सहित अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक,
सॉल्वर गैंग, फर्जी परीक्षार्थियों तथा परीक्षा केंद्रों में अनियमितताओं के अनेक मामले सामने आए हैं जिनमें सत्ताधारी दल के लोगों की संलिप्तता गम्भीर चिन्ता का विषय है।
इन घटनाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां मौजूद हैं।
दुर्भाग्य की बात यह है कि भाजपा की सरकारों द्वारा हर वर्ष जांच और सख्ती के दावे किए जाते हैं, लेकिन फिर भी परीक्षा की विश्वसनीयता पर लगातार प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
प्रदर्शन के उपरान्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तकनीकी शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत का पुतला दहन भी किया।
इस दौरान “युवा विरोधी सरकार मुर्दाबाद”, “पेपर लीक बंद करो”, और “दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करो” जैसे नारे लगाए गए।
पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, डॉ0 हरक सिंह रावत सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर सुद्धोवाला जेल ले गई जहां थोडी देर बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
प्रदर्शन में पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, कोषाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री संगठन राजेन्द्र भंडारी,
पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, महामंत्री विजय सारस्वत, राजेन्द्र शाह, महामंत्री गोदावरी थापली, सुरेन्द्र रांगड़,
नवीन जोशी, विरेन्द्र पोखरियाल, अश्विनी बहुगुणा, प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रवक्ता डॉ0 प्रतिमा सिंह, मंजू त्रिपाठी,
अभिनव थापर, सुजाता पॉल, याकूब सिद्धिकी, महानगर अध्यक्ष डॉ0 जसविन्दर सिंह गोगी, जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, जिलाध्यक्ष संजय किशोर,
अजय सिंह, राजवीर चौहान, यशवंत सैनी, मोहन राणा, महेश प्रताप राणा, महेन्द्र सिंह नेगी, सागर मनवाल, सूरत सिंह नेगी, शीशपाल बिष्ट,
पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, राजीव कुमार, डॉ0 प्रदीप जोशी, बब्बन सती, अमरजीत सिंह, विजयप्रताप मल्ल, जगदीश धीमान,
सुशील डोभाल, संजय कनौजिया, कद्दू, अल्पसंख्यक अध्यक्ष सुलेमान अंसारी, एससी अध्यक्ष मदन लाल,