बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी प्रकरण में मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी के बाद कार्यवाही का दायरा अब अन्य लोगों तक भी पहुँचने लगा है।
श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने दान गणना के खजांची संदेश मेहता को उनके पद से हटाकर पूजा कार्यालय में तैनात केदार सिंह रावत को नए खजांची की ज़िम्मेदारी सौंपी है।
मामले की जाँच अब मंडलायुक्त तक पहुंच चुकी है शासन की और से गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में बनाई गई उच्च स्तरीय जाँच समिति ने भी मौके पर पहुँच कर जाँच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार शुरुआती जाँच के आधार पर और भी तीन लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है
बद्रीनाथ चोरी प्रकरण में चल रही त्रिस्तरीय जांच में मंदिर की आंतरिक जांच समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर चुकी है।
वहीं पुलिस की SIT आपराधिक घटनाओं के आधार पर हर पहलू से जांच में जुटी हुई है।
इसके अतिरिक्त शासन की उच्च स्तरीय जांच समिति ने मंगलवार को बद्रीनाथ पहुंची जहां दान गणना कक्ष का निरीक्षण,
संबंधित दस्तावेजों , रजिस्टरों और CCTV का निरीक्षण कर कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई
और कर्मचारियों पर भी गिर सकती है गाज!
जानकारी के अनुसार जांच का दायरा केवल प्रमोद नौटियाल और खजांची संदेश महता तक ही सीमित नहीं रहेगी,
बल्कि दान गणना से जुड़े और कर्मियों पर भी जांच की गाज गिर सकती है यदि जांच में आरोपियों के साथ मिलीभगत,
या दान गणना में किसी प्रकार के लापरवाही के साक्ष्य मिलते हैं तो कर्मचारी कारण बताओ नोटिस और विभागीय कार्यवाही से अछूते नहीं रहेंगे
गणना कक्ष में कर्मी पहनेंगे विशेष ड्रेस !
मामले के सुर्खियों में आने के बाद चढ़ावा गणना की पूरी प्रक्रिया में अब कुछ बेहद ज़रूरी बदलाव किए गए हैं ,
गणना कक्ष में कार्य करने वाले हर कर्मचारी को एक विशेष ड्रेस पहननी होगी जिसमे किसी प्रकार की जेब नहीं होगी ,
कर्मचारियों को किसी प्रकार का निजी सामान या अपना मोबाइल फ़ोन ले जाने की अनुमति भी नहीं होगी।
इसके अतिरिक्त सुरक्षा के दृष्टिगत कक्ष में CCTV कैमरों की संख्या भी बढ़ाई गई है ,
गणना के दौरान न्यूनतम 5 कर्मी कक्ष में मौजूद रहेंगे और कक्ष में हर आने जाने वाली कर्मी की तलाशी भी ली जाएगी।
सियासी गलियारों में हलचल तेज !
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूरे प्रकरण पर नेता प्रतिपक्ष की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच की माँग की है,
साथ ही मंगलवार को प्रेस वार्ता कर मौजूदा बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठाते हुए,
उनके इस्तीफे की माँग करते हुए सार्वजनिक मंच पर अपने – सामने वाद विवाद करने की चुनौती दी थी जिसका जवाब देते हुए।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आज यानी बुधवार को एक प्रेस वार्ता करते हुए गोदियाल की चुनौती को स्वीकार किया है।
बीकेटीसी अध्यक्ष के अनुसार कांग्रेस द्वारा मामले का जबरन राजनैतिकरण किया जा रहा है जिसका उद्देश्य केवल उनकी छवि को धूमिल करना है।
साथ ही द्विवेदी ने कहा कि उनके पास गोदियाल के बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी रहते हुए तमाम गड़बड़झालों और घोटालों के सभी साक्ष्य मौजूद हैं।
सार्वजनिक मंच पर वह गोदियाल के साथ इस बारे में डिबेट करने को भी तैयार,
फिलहाल इस पूरे मामले में त्रिस्तरीय जांच जारी है और जल्द ही शासन की उच्चस्तरीय जांच समिति,
इस मामले पर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को प्रेषित करेगी अब यह पूरा प्रकरण क्या मोड़ लेता है यह देखना दिलचस्प होगा।