रुद्रप्रयाग के विकासखंड ऊखीमठ अंतर्गत ग्राम मक्कू में आरसेटी रुद्रप्रयाग द्वारा 15 दिवसीय रिंगाल एवं बांस शिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और युवतियों को पारंपरिक शिल्पकला से जोड़ते हुए उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं और युवतियों को निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
विशेष बात यह है कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के रहने और भोजन की भी निशुल्क व्यवस्था की गई है,
जिससे अधिक से अधिक महिलाएं इस पहल का लाभ उठा सकें।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को रिंगाल और बांस से उपयोगी,
एवं आकर्षक उत्पाद तैयार करना सिखाया जा रहा है। इनमें पेन स्टैंड, टोकरी, डस्टबिन, बालों की क्लिप सहित कई सजावटी और दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं।
प्रशिक्षक महिलाओं को बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की जानकारी भी दे रहे हैं, ताकि वे अपने उत्पादों को बेहतर तरीके से बाजार में उतारकर आय अर्जित कर सकें।
वीरेंद्र बर्थवाल प्रशिक्षक (आरसीटी) और प्रेम लाल ( मास्टर ट्रेनर) का कहना है कि यह प्रशिक्षण न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रहा है,
बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध पारंपरिक रिंगाल कला के संरक्षण और संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित कर यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हो रही है।