मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को अपने विधानसभा क्षेत्र खटीमा के गोसीकुआ भुड़ाई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उन्होंने सेवा, स्नेह और संवाद की मिसाल पेश की।
मुख्यमंत्री ने केंद्र पहुंचकर नन्हे-मुन्ने बच्चों को दुलार किया, उनसे मन की बात जानी और अपने हाथों से भोजन परोसा।
बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर समय बिताते हुए सीएम ने आत्मीयता का परिचय दिया। इस दौरान उन्होंने 05 नन्हे बच्चों का अपने हाथों से अन्नप्राशन संस्कार कराया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गोदभराई रस्म में प्रतिभाग कर 10 गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार किट और आशीर्वाद दिया, साथ ही 10 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट भी प्रदान की।
उन्होंने 09 आंगनबाड़ी और 02 आशा कार्यकत्रियों को उनके अनुकरणीय सेवा कार्य के लिए सम्मानित भी किया। समृद्धि और हरियाली के प्रतीक के रूप में सीएम ने पौधरोपण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे किए हैं।
कर्मयोगी और साधक के रूप में उनका कार्य, समर्पण और सेवा भाव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
सीएम ने कहा कि ‘आंगन मिलन’ (25 सितंबर – 7 अक्टूबर 2026) सेवा, स्नेह और संवाद को हर घर तक पहुंचाने का माध्यम है।
आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ भविष्य, संस्कार और सर्वांगीण विकास की नींव हैं।
उन्होंने कहा कि उनके स्वयं के बच्चे भी नगला तराई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़े हैं, इसलिए वे इस व्यवस्था से आत्मीय रूप से जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
महालक्ष्मी किट, मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना, बर्थ वेटिंग होम, हेली एंबुलेंस सुविधा और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से हर गर्भवती महिला तक सहायता पहुंचाई जा रही है।
सरकार का विकल्परहित संकल्प है कि उत्तराखंड में कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे।
बच्चों का पोषण केवल सरकार की नहीं, पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जब सरकार, समाज और परिवार मिलकर काम करेंगे, तभी स्वस्थ और सशक्त उत्तराखंड बनेगा – पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री