स्वास्थ्य विभाग ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए गंभीर प्रयास तेज कर दिये हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार शर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें जनपद के उन क्षेत्रों का भ्रमण कर रही हैं।
जहां पर होम डिलीवरी के केस सामने आये हैं। टीम के सदस्य घर-घर जाकर ऐसी गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर रहे हैं जिनके प्रसव की संभावित तिथि आगामी महीनों में है।
शुक्रवार को टीम ने खुड़बुड़ा क्षेत्र के शिवाजी नगर, कांवली रोड, छबीलबाग तथा चूना भट्टा व भगत सिंह कॉलोनी क्षेत्र में चिन्हित गर्भवती महिलाओं के घर जाकर उनके पति,
सास-ससुर एवं घर के अन्य सदस्यों से बातचीत की तथा संस्थागत प्रसव के लाभ के साथ-साथ मातृत्व स्वास्थ्य के अंतर्गत संचालित योजनाओं जननी सुरक्षा योजना,
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, ईजा बोई, खुशियों की सवारी आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
टीम द्वारा परिवार के सदस्यों एवं गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव हेतु प्रेरित किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद कई क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के गृह प्रसव रिपोर्ट किये गये हैं।
इसको गंभीरता से लेते हुए गर्भवती महिलाओं की ट्रेकिंग शुरू कर दी गयी है।
एक टीम दूरभाष के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवारजनों से संपर्क कर उन्हें संस्थागत प्रसव हेतु प्रेरित करने का कार्य कर रही है।
दूसरी टीम घर-घर जाकर चिन्हित गर्भवती महिलाओं से तथा उनके परिजनों से मिलकर उन्हें संस्थागत प्रसव के लाभ,
एवं महत्व के साथ-साथ मातृत्व स्वास्थ्य के लिए संचालित विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं की जानकारी भी दे रही है।
हमारा लक्ष्य है कि जनपद में शत प्रतिशत प्रसव संस्थागत प्रसव ही हों।
शुक्रवार को घर-घर जाने वाले टीम में जिला आई.ई.सी. समन्वयक पूजन नेगी,