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On the spot :- भूस्खलन होने के पंद्रह मिनट में घटनास्थल पर पहुंचे जेसीबी-सीएम धामी 

देहरादून 17 जून।    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून के दौरान भूस्खलन होने की दशा में घटनास्थल पर 15 मिनट के भीतर जेसीबी पहुंचाने के सख्त निर्देश लोक निर्माण विभाग सहित सम्बन्धित अधिकारियों को दिए हैं।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी पुलों का सुरक्षा ऑडिट करने तथा सड़कों का पैच वर्क करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सचिव लोक निर्माण विभाग को सड़कों तथा पुलों की स्थिति का स्वयं यात्रा करते हुए निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपातकालीन परिचान केंद्र में मानसून की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मानसून सीजन एवं मेडिकल आपातकाल के दृष्टिगत पुरानी एम्बुलेंस वाहनों को तत्परता से बदलने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने पिथौरागढ़ के लिए एक अतिरिक्त हैलीकॉप्टर की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने पिथौरागढ़ में हैलीपेड एवं एयरपोर्ट निर्माण सम्बन्धित कार्यवाही को तीव्र करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान जीर्ण शीर्ण विद्यालयों का चिन्हीकरण करते हुए इनमें विद्यार्थियों का पठन-पाठन बन्द करवाते हुए तत्काल प्रभाव से शेल्टर की व्यवस्था करने के निर्देश शिक्षा विभाग एवं जिलाधिकारियों को दिए हैं।

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मुख्यमंत्री ने अगले तीन दिनों में स्कूल, अस्पतालों, आश्रम तथा अन्य संवेदनशील स्थलों का सुरक्षा की दृष्टि से वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने जलाश्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए नियमित रूप से सिल्ट हटाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार एवं ऊधमसिंहनगर जैसे मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति के स्थायी समाधान एवं जल निकासी को लेकर विशेषज्ञ एंजेसी की सहायता से सर्वे करते हुए प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग को बन्द सड़कों की रियल टाइम जानकारी की नियमित रूप से एप एवं वेबसाइट पर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में आपदा के रिस्पॉन्स एवं पूर्व तैयारियों के मामलों में अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि जनजागरूकता हेतु आपदा से सम्बन्धित टॉल फ्री नम्बर, सचेत एप आदि।

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का समुचित प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपदा के मामलों को शीर्ष प्राथमिकता पर लेते हुए टीम भावना एवं प्रभावी समन्वय से कार्य करने की नसीहत दी।

इसके साथ ही उन्होंने एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के जवानों की मदद हेतु स्थानीय लोगों को भी आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में शामिल करने एवं प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने आपदा के लिहाज से संवेदनशील सभी स्थानों में पर्याप्त संख्या में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टुकड़ियों तैनात करने के निर्देश दिए।

हेलीकॉप्टर सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी हेलीपेडों में सुरक्षा के समुचित प्रबंध करने तथा हेलीपैडों का सेफ्टी ऑडिट करने को कहा। उन्होंने मानसून के दृष्टिगत गर्भवती महिलाओं का डेटाबेस बनाने और ऐसी महिलाएं जिनकी डिलीवरी अगले चार माह में होनी है उसके लिए अभी से प्रबंध करने के निर्देश दिए।

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मुख्यमंत्री ने नैनीताल जनपद में गोला एप्रोच रोड के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने तथा यदि इस काम के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता है तो शासन से उसकी मांग करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कैंची बाईपास निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द सभी जगह से अनापत्ति लेने संबंधी सभी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए सड़क निर्माण किया जाए। साथी उन्होंने क्वारब में भूस्खलन का जल्द से जल्द ट्रीटमेंट करने के निर्देश दिए।

बैठक में  उपाध्यक्ष राज्य सलाहकार समिति आपदा प्रबंधन  विनय कुमार रुहेला, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव  आर के सुधांशु, सचिव ग्रह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक  दीपम सेठ,

सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन  आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद ओबैदुल्लाह अंसारी, एसडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट  शुभांग रतूड़ी, डॉ बिमलेश जोशी आदि अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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