Headlines

Relief Materials :- श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने थराली आपदा पीडितों के लिए भेजी राहत सामग्री

 देहरादून 26 अगस्त 2025।

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने थराली (चमोली) आपदा प्रभावितों के लिए राहत एवम् खाद्य सामग्री भेजी।

सोमवार को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. कुमुद सकलानी और रजिस्ट्रार डॉ. लोकेश गंभीर ने राहत सामग्री से लदे वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास  महाराज ने कहा कि हम सभी प्रभु से प्रार्थना करते हैं।

कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र ही इस कठिनाई से उबरने की शक्ति प्राप्त हो।

उन्होंने चमोली जनपद के अन्तर्गत आने वाले एसजीआरआर ग्रुप के संस्थानों के कर्मचारियों का आह्वान किया,

कि आप सभी थराली आपदा पीड़ितों की हर सम्भव मदद में अपना योगदान दीजिए।

काबिले गौर है कि थराली (चमोली) की आपदा ने कई परिवारों से उनका घर-आंगन, खेत खलियान, पशु मवेशी, रोजगार और सुख-चैन छीन लिया।

कहीं खेत मलबे में दब गए, कहीं आशियाने नष्ट हो गए तो कहीं मासूम बच्चों की शिक्षा और बुजुर्गों की दवा-दरकार अधर में लटक गई।

ऐसे कठिन समय में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने इन पीड़ित परिवारों के लिए राहत और खाद्य सामग्री भेजकर न सिर्फ मदद की पहल की है,

बल्कि मानवीय संवेदना का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया है।

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, देहरादून और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने न केवल राहत सामग्री भेजने का बीड़ा उठाया,

बल्कि पीड़ितों को निःशुल्क उपचार और उनके बच्चों को कुछ चयनित पाठ्यक्रमों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने का भी वचन दिया।

इससे पूर्व धराली उत्तरकाशी के आपदा पीड़ितों के लिए भी अस्पताल एवम् विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह पहल की थी।

चमोली जिले के कर्णप्रयाग एवम् नारायणबगड स्थित एसजीआरआर पब्लिक स्कूलों के माध्यम से यह राहत सामग्री जिसमें खाद्यान्न व अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं,

प्रभावित आपदा क्षेत्र थराली तक पहुंचाई जा रही है। एसजीआरआर पब्लिक स्कूल कर्णप्रयाग के प्रधानाचार्य बुद्धिबल्लभ डोभाल,

और एसजीआरआर पब्लिक स्कूल नारायण्बगड़ के प्रधानाचार्य शंकर सिंह चौहान स्थानीय विधायक गोपाल राम टम्टा एवम् एसडीएम पंकज कुमार भट्ट के नियमित सम्पर्क में हैं।

इनके साथ मिलकर प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

चमोली जनपद के अन्तर्गत आने वाले एसजीआरआर समूह के सभी संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं।

कि वे राहत और बचाव कार्यों में हर संभव योगदान दें। यह पहल केवल औपचारिक मदद नहीं, बल्कि करुणा,

संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का ऐसा जीवंत उदाहरण है, जो आपदा की विभीषिका में पीड़ित परिवारों के लिए आशा की किरण साबित होगा।

ये भी पढ़ें:   Scope of RTE :- छात्र हित में आरटीई का दायरा बढ़ाकर इंटरमीडिएट तक करे सरकार- मोर्चा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *