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Question :- महिला कांग्रेस ने सडक पर सांकेतिक विधानसभा लगाई पूछे विधानसभा अध्यक्ष से सवाल

 देहरादून 29 दिसम्बर 2025।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल वीआईपी के नाम का खुलासा भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम के रूप में होने पर,

उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की महिला कांग्रेस पदाधिकारियों ने प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में,

प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी के यमुना कॉलोनी स्थित आवास का घेराव कर सडक पर सांकेतिक विधानसभा लगाकर उनसे इस जघन्य हत्याकांड में कई ज्वलंत सवाल पूछे।

प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी के प्रतीक के रूप में प्रदेश महिला उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा को पदासीन करते हुए।

प्रश्न पूछा कि भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारी एवं भाजपा के बडबोले महिला प्रवक्ता इस मामले में क्यों चुप्पी साधे हुए हैं?

हत्याकांड के सबूत मिटाने वाली विधायक रेणु बिष्ट की सदस्यता क्यों बर्खास्त नहीं की गई?

क्या उन्हें प्रदेश की महिलाओं की अस्मिता एवं उनके दुःख दर्द से कोई लेना देना नहीं है?

यदि भाजपा की नेत्रियां महिलाओं के प्रति जरा सी भी संवेदनशील हैं और उन्हें अंकिता भंडारी जघन्य हत्याकांड पर जरा सी भी शर्म है।

तो उन्हें स्वयं से दुष्यन्त गौतम के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग करनी चाहिए।

ज्योति रौतेला ने कहा कि विगत तीन वर्ष में प्रदेश में जितने भी महिला अपराध की घटनाएं घटित हुई।

महिलाओं के साथ अत्याचार और बलात्कार की घटनायें घटित हुई हैं उनमें से अधिकतर मामलों में भाजपा नेताओं की संलिप्तता पाई गई,

जिसके चलते इन मामलों मे कोई भी कार्रवाई नहीं हो पाई जो उत्तराखंड राज्य की अस्मिता को कलंकित करने वाली घटनाएं हैं।

और इन सभी घटनाओं में भाजपा नेत्रियों ने अपने मुंह बंद रखे हैं।

यहां तक कि टीवी चैनलों में धार्मिक डिवेट में गला फाड-फाड कर चिल्लाने वाली प्रवक्ता नेत्रियां भी अपने मुंह में दही जमाये बैठी हैं।

इससे स्पष्ट है कि भाजपा नेत्रियों को न तो राज्य की बेटियों की अस्मिता से कोई लेना देना है।

और न ही अपनी पार्टी मे बैठे कुकर्मी नेताओं की कारगुजारियों से।

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी से यह भी कहा कि उन्हें एक महिला होने के नाते,

इस दर्द को समझना चाहिए और अंकिता भंडारी हत्याकांड के सबूत मिटाने वाली विधायक रेणु बिष्ट की विधानसभा सदस्यता को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करना चाहिए।

घेराव कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, चन्द्रकला नेगी, पार्षद कोमल बोरा, संगीता गुप्ता, अनुराधा तिवाडी,

महासचिव निधि नेगी, पुष्पा पंवार, सुशीला शर्मा, अंशुल त्यागी, शिवानी मिश्रा, अमृता कौशल, नीरू सिंह,

दीपा चौहान, देवेन्द्र कौर, आयुष गुप्ता, गौरव रावत, रितेश क्षेत्री, अभिषेक डोबरियाल आदि शामिल थे।

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