इन ऋतुओं में क्या करें और क्या ना करें

वर्षा ऋतु (श्रावण-भाद्रपद) 15 राशि 15 सितम्बर।


 

देहरादून – अतिमंद अग्नि, त्रिदोष प्रकोप, विशेष रूप से वात प्रकोप है।

पध्य आहार-विहार (क्या करें ?)

अम्ल, लवण, स्नेहयुक्त भोजन, पुराने अनाज, मांस रस, घी एवं दूध, छाछ में बनाई गई बाजरा या मक्का की राबड़ी, कद्दू, बैंगन, परवल, करेला, लौकी, तुरई, अदरक, जीरा, मेथी, लहसून, भोजन/पान में शहद का उपयोग ।

पानी उबाल कर प्रयोग, तेल की मालिश, मच्छरदानी का उपयोग, स्नान उपरांत गंध द्रव्य लेप, वस्ति का प्रयोग।

अपथ्य आहार-विहार (क्या न करें ?)

चावल, आलू, अरबी, भिण्डी तथा भारी आहार, बासी भोजन, दही, मांस, मछली, अधिक तरल पदार्थ ।

ये भी पढ़ें:   Immersed :-महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अस्थियां गंगा में विसर्जित

तालाब एवं नदी के जल का प्रयोग।वर्षा में भीगना, दिन में सोना, रात में जागना, खुले में सोना, अधिक व्यायाम, धूप सेवन, अधिक परिश्रम, जलाशय में स्नान एवं तैरना।

शरद ऋतु  (आश्विन-कार्तिक) 15 सितम्बर 15 नवम्बर तक मंद अग्नि, पित्त प्रकोप है।

पथ्य आहार-विहार (क्या करें ?)

लघु (सुपाच्य), मधुर एवं शीतल, कड़वे द्रव्य, छिलके वाले दालें, चावल, जौ, करेला, परवल, तुरई, लौकी, पालक, मूली, सिंघाड़ा, अंगूर, टमाटर, फलों का रस, सूखे मेवे, नारियल ।

इलायची, त्रिफला चूर्ण, हरड़ मुनक्का, खजूर, घी, हंसोदक का विशेष रूप से प्रयोग।

विरेचन, रक्तमोक्षण कर्म, अभ्यंग, व्यायाम तथा प्रातः भ्रमण, शीतल जल से स्नान, हल्के वस्त्र धारण, चन्द्रमा की किरणों का सेवन, चन्दन, मुल्तानी मिट्टी का लेप।

ये भी पढ़ें:   Will Stop 🚏:-  उत्तराखंड संपर्क क्रांति एक्सप्रेस अब पीरूमदारा में भी रुकेगी

अपथ्य आहार-विहार (क्या न करें ?)

मैदे से बनी हुई वस्तुए, गर्म मसाले, तीक्ष्ण, गुड़ तथा तेल में तले हुए खाद्य पदार्थ ।

दही, मछली, क्षार, कंद शाक, वनस्पति घी, मूंगफली, भुट्टे, कच्ची ककड़ी।

दिन में शयन, धूप, पूर्वी वायु का सेवन ।

हेमंत ऋतु (मार्गशीर्ष-पीष) 15 नवम्बर – 15 जनवरी तक इस में जठराग्नि तीव्र, कफ दोष संचय है।

पथ्य आहार-विहार (क्या करें ?)

स्निग्ध, मधुर, गुरू, लवणयुक्त भोजन करें।घी, तेल, उष्ण द्रव्य प्रयोग, गोंद मैथी के लड्डू, च्यवनप्राश, नये चावल, मांस आदि का सेवन।

तैल मालिश, उबटन, गुनगने पानी से स्नान, ऊनी कपड़ों का प्रयोग।

अपथ्य आहार-विहार (क्या न करें ?)

ये भी पढ़ें:   Will Stop 🚏:-  उत्तराखंड संपर्क क्रांति एक्सप्रेस अब पीरूमदारा में भी रुकेगी

ठण्डे वायु बढ़ाने वाली वस्तुओं का सेवन, अति द्रव भोजन।दिन में सोना, अधिक हवादार स्थान में रहना तथा ठण्डी हवा का सेवन, खुले पाँव रहना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *