आम आदमी पार्टी उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि नीट सहित देश भर में लगातार हो रहे,
पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के कारण लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में है।
छात्रों के आंदोलन और जनता के दबाव के कारण अंततः केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा।
यह साबित करता है कि जब जनता सड़कों पर उतरती है तो सरकार को झुकना पड़ता है।
प्रदेश अध्यक्षा ने कहा कि केंद्र में इस्तीफा होने के बाद अब उत्तराखंड सरकार को भी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों से पेपर लीक का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा।
पुलिस, पटवारी, वन दरोगा के बाद अब हाल ही में यूटीयू- उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय का परीक्षा पत्र भी लीक हो गया है।
इससे साफ है कि प्रदेश की बीजेपी सरकार शिक्षा व्यवस्था को बचाने में पूरी तरह विफल रही है।
आम आदमी पार्टी उत्तराखंड प्रदेश शिक्षा मंत्री से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफे की मांग करती है।
साथ ही मांग करती है कि यूटीयू सहित उत्तराखंड में हुए सभी पेपर लीक मामलों की सीबीआई जांच कराई जाए।
पेपर माफिया और इसमें शामिल अधिकारियों पर रासुका के तहत कार्रवाई हो।
छात्रों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पुनः परीक्षा का अवसर दिया जाए।
प्रदेश अध्यक्षा ने कहा कि प्रदेश में हो रहे पेपर लीक प्रकरण में भाजपा के लोग शामिल थे ये बात जगजाहिर है।
और सरकार की कमजोर पैरवी के कारण आज भाजपा नेता व पेपर लीक माफिया हाकम सिंह जेल की सलाखों के बाहर आजादी से घूम रहा है। जिसका नतीजा आज यूटीयू में पेपर लीक हो गया।
उन्होंने कहा यदि शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत में जरा भी नैतिकता है तो वह अपने पद से इस्तीफा दें।
नहीं तो प्रदेश का युवा दिल्ली जंतर मंतर की तर्ज पर सड़कों पर निकलने को मजबूर होगा जिसकी जिम्मेदार राज्य की भाजपा सरकार होगी।