देशभर के पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के लिए केंद्र सरकार की पत्रकार कल्याण योजना (Journalist Welfare Scheme-JWS) संकट की घड़ी में महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आई है।
इस योजना के तहत केंद्र सरकार पत्रकारों, मीडिया कर्मियों तथा उनके आश्रित परिवारों को मृत्यु, स्थायी विकलांगता,
गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती होने जैसी असाधारण परिस्थितियों में तत्काल एकमुश्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने राज्यसभा में सांसद दामोदर अग्रवाल द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
“2014-15 से अब तक 456 परिवारों को मिला लाभ”
सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक पत्रकार कल्याण योजना के अंतर्गत 456 पत्रकारों,
मीडिया कर्मियों अथवा उनके परिवारों को कुल 19.41 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
यह सहायता उन परिस्थितियों में दी जाती है, जब संबंधित पत्रकार या उनका परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा हो।
“किन पत्रकारों को मिलता है योजना का लाभ?
पत्रकार कल्याण योजना का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। इसके अंतर्गत—
– प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) से मान्यता प्राप्त पत्रकार।
– राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से मान्यता प्राप्त पत्रकार।
– गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकार और मीडिया कर्मी भी पात्र हैं, यदि वे योजना की निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाई के समय किसी भी पत्रकार या उसके परिवार को तत्काल सहायता मिल सके।
किन परिस्थितियों में मिलती है आर्थिक सहायता?
पत्रकार कल्याण योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से निम्न परिस्थितियों में एकमुश्त अनुग्रह सहायता प्रदान की जाती है—
– पत्रकार की मृत्यु।
– स्थायी विकलांगता।
– गंभीर बीमारी।
– दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती होने से उत्पन्न आर्थिक संकट।
– अन्य अत्यधिक कठिन परिस्थितियां, जिनमें तत्काल वित्तीय सहायता आवश्यक हो।
पीआईबी मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सीजीएचएस की सुविधा
केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) से मान्यता प्राप्त पत्रकार स्वयं,
तथा उनके परिवार के सदस्य केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) की सुविधाओं के पात्र होते हैं।
इसके अंतर्गत उन्हें देशभर के सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सीजीएचएस पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में भी निर्धारित सीजीएचएस दरों पर उपचार की सुविधा उपलब्ध होती है।
इससे पत्रकारों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं अपेक्षाकृत कम खर्च पर प्राप्त हो सकती हैं।
“वर्तमान में कितने हैं पीआईबी मान्यता प्राप्त पत्रकार?
सरकार के अनुसार, वर्तमान समय में प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) से मान्यता प्राप्त पत्रकारों की कुल संख्या 1,786 है।
पीआईबी मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कार्यरत पत्रकारों को मान्यता प्रदान करता है।
“पत्रकार सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल-
विशेषज्ञों का मानना है कि पत्रकार अक्सर चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं।
ऐसे में पत्रकार कल्याण योजना आर्थिक संकट के समय उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच का कार्य करती है।
सरकार का कहना है कि भविष्य में भी पात्र पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को आवश्यकता के अनुसार इस योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाता रहेगा।