मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जनहित, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन, ऊर्जा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने जहां एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बड़ी बढ़ोतरी का फैसला लिया,
वहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति देने के लिए 243 पदों पर नियुक्तियों को भी स्वीकृति दी गई।
MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड 17 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये-
राज्य के पांचों राजकीय मेडिकल कॉलेजों—श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा में अध्ययनरत एमबीबीएस इंटर्न छात्रों को बड़ी राहत देते हुए,
कैबिनेट ने उनका मासिक स्टाइपेंड 17 हजार रुपये से बढ़ाकर न्यूनतम 25 हजार रुपये करने को मंजूरी दी।
सरकार का कहना है कि इससे चिकित्सा शिक्षा को प्रोत्साहन मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
खिलाड़ियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़े-
खेल नीति-2021 के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति,
देने के प्रावधान के अंतर्गत कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में कुल 243 पदों पर नियुक्ति की स्वीकृति दी। इनमें खेल, युवा कल्याण, गृह, परिवहन, शिक्षा और वन विभाग शामिल हैं।
इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग में अपर सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 नए पद सृजित करने को भी मंजूरी दी गई है, ताकि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सेवायोजन का लाभ मिल सके।
मसूरी रोपवे परियोजना को मिली नई गति-
कैबिनेट ने देहरादून के पुरकुल गांव से मसूरी के लाइब्रेरी चौक तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना के अपर टर्मिनल और पार्किंग निर्माण के लिए भूमि संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी।
इसके तहत गढ़वाल सभा मसूरी को पूर्व में लीज पर दी गई भूमि के बराबर 972 वर्गमीटर भूमि जीएमवीएन की पार्किंग के लिए लीज पर देने की अनुमति प्रदान की गई है।
हरिद्वार में ESI अस्पताल के लिए 15 एकड़ भूमि आवंटित-
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESI) के अस्पताल निर्माण के लिए हरिद्वार में चिन्हित 15 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।
इससे औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
जेल विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन-
कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग की समूह ‘क’ एवं ‘ख’ सेवा नियमावली-2026 में संशोधन को मंजूरी दी गई।
इसके तहत सुधारात्मक विंग के लिए नवसृजित अपर महानिरीक्षक कारागार के पद को विभागीय संवर्ग में शामिल किया जाएगा।
सरकारी अधिवक्ताओं की फीस बढ़ेगी-
सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं की फीस में वृद्धि के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।
यह निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय समीक्षा समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया।
कारोबार सुगमता के लिए नियमों में संशोधन-
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ट्रस्ट बेस्ड रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत उत्तराखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली-2012 में संशोधन कर लाइसेंसिंग प्रक्रिया को और सरल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इससे व्यापार और उद्योग जगत को राहत मिलने की उम्मीद है।
विधानसभा में रखी जाएंगी विद्युत नियामक आयोग की रिपोर्ट और लेखा विवरण-
कैबिनेट ने उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट और वार्षिक लेखा विवरण को आगामी विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर रखने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की।
प्रमुख फैसले एक नजर में-
MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड 17 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये।
खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के लिए 243 पदों पर भर्ती की मंजूरी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में व्यायाम शिक्षक के 33 नए पद सृजित।
मसूरी रोपवे परियोजना के लिए भूमि लीज प्रस्ताव मंजूर।
हरिद्वार में ESI अस्पताल निर्माण हेतु 15 एकड़ भूमि आवंटन।
जेल विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन।
सरकारी अधिवक्ताओं की फीस बढ़ाने को मंजूरी।
विधिक माप विज्ञान नियमावली में संशोधन कर लाइसेंस प्रक्रिया सरल।
विद्युत नियामक आयोग की रिपोर्ट और लेखा विवरण विधानसभा में रखे जाएंगे।
इन फैसलों को राज्य में स्वास्थ्य, खेल, पर्यटन, प्रशासनिक सुधार और निवेश अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।